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Punjab News जसपाल धामी की किताब ‘मसीहे बोलदे ने’ का विमोचन हुआ

रिपोर्टर शिव कुमार अमृतसर पंजाब
 

अमृतसर  आज यहां एक निजी होटल में प्रवासी कवि जसपाल धामी के नवीन काव्य संग्रह ‘आखर’ पत्रिका के संपादक व प्रसिद्ध कवि विशाल तथा ‘कहानी धारा’ पत्रिका के संपादक व प्रसिद्ध कथाकार भगवंत रसूलपुरी ने संयुक्त रूप से विमोचन किया. पुस्तक के लेखक जसपाल धामी ने शुरुआत में मसीहे बोलदे ने की अपनी कुछ चुनिंदा कविताओं का पाठ किया। बाद में उन्होंने कहा कि मेरे पहले ग़ज़ल संग्रह ‘याद दा पश्मीना’ के बाद यह दूसरी काव्य पुस्तक है। मैं शुरू से ही काव्य की प्रगतिशील शैली का समर्थक रहा हूँ इस पुस्तक के माध्यम से मैंने पारंपरिक कविता से ऊपर उठकर बात करने की कोशिश की है इसमें मैंने एक नए काव्यात्मक मुहावरे के साथ बात की है प्रसिद्ध कवि विशाल ने जसपाल धामी को आधुनिक युग का कवि बताते हुए कहा कि जसपाल धामी ने अपने लेखन की शुरुआत अमृता प्रीतम की पुस्तिका ‘नागमणि’ से की थी. एक समय उनकी कविताएँ ‘नागमणि’ के शीर्षक पृष्ठ पर छपी थीं और अब तक वे निगार और नरोया लगातार लिखते रहे हैं। वर्तमान समय में वे एक महान कवि हैं जो पलों को पूरी क्षमता के साथ कैद करते हैं भगवंत रसूलपुरी ने पुस्तक के विमोचन के बाद कहा कि धामी की कविता हमारे इतिहास, पौराणिक कथाओं और समकालीन समाज की संस्कृति में होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं और संदर्भों का पुनर्विश्लेषण करती है। उनकी काव्य शैली और स्वर अद्वितीय है

पंजाबी गायक और कवि हरिंदर सोहल ने कहा कि जसपाल धामी की शायरी में प्रगतिशील हिस्सा मुझे आकर्षित करता है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह शुरुआती रूप में सिंगर भी रह चुके हैं उनके पास संगीत की समझ भी है उनकी सुरीली आवाज का जादू कॉलेज के यूथ फेस्टिवल में छाया हुआ है उनकी जीवन साथी चरणजीत कौर ने भी जसपाल धामी के साथ अपनी यादें साझा कीं कैसे वे एक कॉलेज शिक्षक की रफ नौकरी छोड़कर एक बैंक के स्थायी कर्मचारी बन गए, लेकिन इसके बावजूद उनके मन में संगीत, गीत और कविता का प्रवाह चलता रहा। जसपाल धामी की पुस्तक मसीहे बोलदे ने का विमोचन (बाएं से दाएं) चरणजीत कौर, हरिंदर सोहल, लेखक जसपाल धामी, भगवंत रसूलपुरी और विशाल

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