Madhya Pradesh News सहकारी समिति अनूपपुर के उप पंजीयन ने निरस्त प्रशासन आगामी 4 माह के भीतर निर्वाचन के आदेश

रिपोर्टर सूर्यकांत मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश
अनूपपुर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अनूपपुर के 5 वर्ष के कार्यकाल पर न्यायालय के उप पंजीयन सहकारी समिति संस्था शहडोल ने रोक लगाते हुए संपूर्ण निर्वाचन को भांग कर दिया है प्रशासन के नियुक्त करने के साथ आगामी 4 माह निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से नए अध्यक्षों व सदस्यों चुनाव किए जाने के आदेश दिए है सहकारिता के निर्वाचन अधिकारी आरपी सिंह के अध्यक्षता में 2022 अप्रैल माह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित अनूपपुर में 11सदस्यों को निर्वाचन के माध्यम से चुनकर लाना था जिसके एवज में 26 अभ्यार्थियों अपना फार्म निर्वाचन के लिए जमा किया था लेकिन निर्वाचन और पूर्व के अध्यक्ष रह चुके रामनाथ पटेल कि आप से संगठन के चलते 11 सदस्यों को ही चुना गया अन्य सभी को दस्तावेजों के कमी बताकर या तो आवेदन खींचना बता दिया गया या फिर उनका फॉर्म निरस्त कर दिया गया या सब निर्वाचन अधिकारी का सम्मिलिता के बाद ही संभव हो सका अब ऐसे निर्वाचन आवेदक लल्लन जगदीश पटेल मोैहरी के द्वारा न्यायालय पंजीयन सहकारी सदस्य आएं शहडोल में अप्रैल 2022 आपत्ति दर्ज कराई गई और संचालक मंडल के निर्वाचन के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की गई है जिस पर मध्य प्रदेश सहकारी अधिनियम 1960 की धारा 64 (2 )5 के तहत मामले की सुनवाई शुरू हुई जिसमें न्यायालय द्वारा प्रकरण क्रमांक एसडी एल 64 /2023 24 / 0001 /के तहत प्रकरण में सुनवाई जारी की गई लगभग 1 साल 20 तक दिन तक चले इस मामले कोट ने पाया कि निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन सदस्य वर्तमान अध्यक्ष रामनाथ पटेल के कहने पर अपने चाहतों को लाभ पहुंचाने के लिए 15 लोगों के फार्म रिजेक्ट कर दिए गए निर्वाचन अधिकारी मिलीभगत अपील करता ललन पटेल ने बताया कि 21 अप्रैल 2022 को कार्यालय में चस्पा सूची पर ललन पटेल गिरधारी पटेल का नाम विलोपित कर दिया गया आवेदन का हवाला देकर हस्ताक्षर फर्जी बताया गया और रसीद भी सलंग्न नहीं थी जो आवेदक के समय कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराई गई थी इतना ही नहीं रामनाथ पटेल के ऊपर यह भी आरोप की उसके पुत्र राम गुंजन पटेल संस्था जागृत बीज उत्पादन सहकारी समिति मर्यादित परसवार स्वयं संचालक भी इसके बावजूद रामनाथ पटेल निर्वाचन अधिकारी के द्वारा कर दिया गया वही इस मामले में भी निर्वाचन अधिकारी के मिलीभगत सामने देखने को मिली

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