IC News and Media House Private Limited


ब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेशराज्य

Madhya Pradesh News पूर्ण किराया देने के बावजूद भी नही दी पीड़ित महिला को सीट और ना ही टिकिट बिमारी से ग्रस्त महिला ने खड़े होकर ही जाना पड़ा इलाज को

बसों में यात्रियों को नहीं मिल रही सुविधाएं, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

रिपोर्टर पवन रैकवार छतरपुर मध्य प्रदेश

भगवॉं: घुवारा से काले खां एवं दिल्ली की ओर चलने वाली बसों में सफर करने में यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर पीड़ित महिलाओं को ज्यादा दिक्कतें होती बस में हेल्पलाइन नंबर भी नहीं लिखे हैं, जिससे किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार होने पर यात्री शिकायत नहीं कर पाते। इतना ही नहीं दिनभर चल रही बसों में सुरक्षा मानकों के साथ साथ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सवारी बैठाने के लिए बीच सड़क पर बस कहीं भी रोक दी जाती है। ऐसे में पीछे चलने वाले राहगीरों को परेशानी होती है। हादसे की भी संभावना रहती है। बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और हेल्पलाइन नंबर की व्यवस्था हो जाने से यात्रियों को काफी सुविधा हो जाएगी बस में सवार यात्रियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छतरपुर जिले की घुवारा तहसील से काले खां तक चल रही पीताम्बरा बस जिसका नंबर एमपी 07, पी 1993 घुवारा से तीन सवारियों के लिए डबल सीट बुक करवाई गई और पैसे का भुक्तान भी फोन पे के माध्यम से किया गया और बस एजेंटर ने यहां पर टिकिट नही दी बोले कि छतरपुर में ले लेना ,छतरपुर में भी उनको टिकिट नही दी गई इसी बस में ही एक पीड़ित महिला जिसकी उम्र लगभग 65 साल की हे जब उसके परिजन द्वारा अपनी पीड़ित महिला के इलाज के लिए डबल सीट बुक करवाते है जिससे पीड़ित महिला आराम से अपने इलाज के लिए जा सके जिसका किराया पूरी तरह से भुक्तान किया गया और जब वह पीड़ित महिला छतरपुर से बस में बैठती हैं तो वही बस में मौजूद कनेक्टर द्वारा सिंगल सीट दी गई जिस पर पीड़ित महिला और उनके दो परिजनों को बैठने को कहा गया जब उस महिला के साथ आए परिजन कनेक्टर से बोलता है की भाईसाहब मेने डबल सीट के पैसे दिए और डबल सीट ही बुक करवाई थी तो मुझे वही सीट दो मेरी दादी मां की तबियत बहुत गंभीर स्थिति में है, स्थिति इस प्रकार है की बो अपने बल पर न बैठ सकती है और न ही खड़ी हो सकती है ऐसा कहने पर बस येजेंटर ने कहा की तुम्हे चलना है की नही, नही तो बस से बाहर उतारू इस प्रकार से पीड़ित महिला और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और बेचारी पीड़ित महिला अस्पताल तक जानें में विवश रही अंचल में दौड़ रही ज्यादातर बसों में यात्रियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। बस ऑपरेटर यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

पीड़ित वृद्ध महिला को नही दी सीट और टिकिट
शासन व्यवस्था द्वारा -बसों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित रहना चाहिए। मगर यहां की बसों में यह व्यवस्था नहीं है। बिमारी से ग्रस्त महिलाओं सीट नहीं मिलती। उन्हें पुरुषों के साथ ही सफर करना पड़ता है। कई बार तो सीट को लेकर विवाद की स्थिति भी बन जाती है और सफर का पूरा किराया वसूल लेते है सीट की जगह बोल रहे अशब्द भाषा में कहते है की तुम्हारे बाप की बस चल रही क्या जो हम सीट दे

बसों में नही लगी किराया सूची

छतरपुर जिले की ज्यादातर बसों में ऑपरेटरों ने यात्रियों से किराया ठगने के लिए वाहनों में किसी भी तरह की किराया सूची नही लगी है। जबकि मप्र शासन द्वारा सालभर पहले की किराए में की गई वृद्धि के समय ही नई किराया सूची जारी कर दी गई थी। शुरू में ही यात्री वाहनों में बस ऑपरेटरों ने शासन की गाइड लाइन से जारी हुई किराया सूची को बसों में नहीं लगाया अभी तक यात्री वाहनों में तो सूची है का इंतजार कर रहे और इस प्रकार से यात्री को मुंह मांगा किराया लिया जा रहा है। ऐसे में यात्री खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। बस ऑपरेटरों द्वारा यात्रियों को सफर कराने के बदले ज्यादा रुपए वसूल जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों से ठगी को लेकर बस ऑपरेटरों की मनमानी बढ़ती जा रही है।

मध्य प्रदेश मैं प्राइवेट बसों के कंडक्टर रॉकी बहुत बड़ी मनमानी देखने को मिली है

मध्य प्रदेश सरकार भले ही प्राइवेट बसों की आरटीओ द्वारा चेकिंग करवाती हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है जैसा कि यहां पर कंडक्टर रॉकी बहुत बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है बस में 52 सीटर बस में 100 सभा से सवारियों को लेकर जाते हैं कभी-कभी बहुत बड़ी घटना हो जाती है कई बसें इस प्रकार है कि उनके कई महीनों से रजिस्ट्रेशन और फिटनेस दोनों ही खत्म हो चुके हैं लेकिन आरटीओ की मिलीभगत के कारण कनेक्टरो द्वारा अवैध राशि वसूली जाती है ऐसा ही इस समय देखने को मिला है

इनका कहना है

आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई में अभी ग्वालियर RTO विभाग को कॉल करता हूं इस संबंध में सारी जानकारी लेते है, अगर ऐसा पाया जाता तो निश्चित रूप से उनका परमिट निरस्त और कार्रवाई की जाएगी

 

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button