Madhya Pradesh News अबार माता मंदिर में दूर से आई बड़ी बड़ी दुकानों से लगा विशाल मेला
अबार माता मंदिर में लगा तांता, दूर-दराज से आते हैं श्रद्धालु

रिपोर्टर पवन रैकवार छतरपुर मध्य प्रदेश
रास्ता भटके वीर आल्हा-ऊदल को अबार माता ने दिखाई थी राह
घुवारा : तीन जिलों की सीमा पर स्थित रामटौरिया के निकट स्थित अबार माता के मंदिर में वैशाख पूर्णिमा से वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। यहां रोजाना श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है जो न सिर्फ माता के अद्भुत दरबार के दर्शन कर रहा है, बल्कि मेले में खरीदारी का लुत्फ भी उठा रहा है। माता के मंदिर की आस्था है कि यहां जो भी सच्ची श्रद्धा से मत्था टेकता है उसकी हर मुराद पूरी होती है।
उत्तरप्रदेश-मध्यप्रदेश की सीमा रेखा धसान नदी के निकट स्थित घुवारा तहसील से करीब 25 किमी दूर अबार माता का मंदिर लोक संस्कृति, श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। सागर जिले के शाहगढ़ तथा छतरपुर-टीकमगढ़ से घुवारा होते हुए सड़क मार्ग से अबार माता के दरबार में पहुंचा जा सकता है। अबार मेला वैशाख सुदी पूर्णिमा से आरंभ होकर नौ दिवस चलता है। ग्राम पंचायत अबार के तत्वाधान में आयोजित मेले में ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, दिल्ली, मुंबई सहित तमाम महानगरों से यहां दुकानें आती है तो वहीं अनेक प्रकार के झूले एवं सर्कस के साथ मौत का कु आं दर्शकों के लिए आकर्षण का कें द्र बने हुए हैं
50 सीढ़िया चढ़ते ही मातारानी के दर्शन
मंदिर प्रागंण में प्रवेश उपरांत 50 सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही आप माता रानी मंदिर में प्रवेश कर जाएंगे। मंदिर में प्रवेश करने के बाद ही परिक्रमा शुरु हो जाएगी, जहां पर परिक्रमा करते-करते मंदिर मिलेंगे। इसमें परिक्रमा करते हुए अबार माता के दर्शन होंगे। नवरात्र पर्व पर मातारानी के भव्य झांकी भी सजाई जाती हैं
मेले की सुरक्षा एवं देख रेख में लगी पुलिस
अबार माता मेले में बमनौरा पुलिस प्रशासन अपनी टीम के साथ मेले में मौजूद हैं बमनौरा थाना प्रभारी राजकपूर सिंह बघेल ने बताया है की मेले में कोई भी अप्रिय घटना घटित ना हो एवं मेले की सुरक्षा देख _रेख के लिए मेरी समस्त टीम मेले में लगाई गई जिससे मेले की सुरक्षा हो और सावधानीपूर्वक मेले का आयोजन हो सके

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