Rajasthan News आदरणीय मीणा समाज के एकमात्र स्वतंत्रता सेनानी श्रीमान श्री लक्ष्मी नारायण जी झीरवाल की पुण्यतिथि 29/04/2023 पर होगा विशाल आयोजन।

रिपोर्टर संजय मीणा किशोरपुरा झुंझुनू राजस्थान
आदरणीय मीणा समाज के एकमात्र स्वतंत्रता सेनानी श्रीमान श्री लक्ष्मी नारायण जी झीरवाल की पुण्यतिथि 29/04/2023 पर होगा विशाल आयोजन। मीणा समाज के गौरव, महान् विभुति, स्वतंत्रता सेनानी, इतिहासकार, शिक्षाविद, समाज सुधारक आदरणीय सम्माननीय स्व श्री लक्ष्मी नारायण जी मीणा झरवाल का जन्म, 2 नवबंर 1914 को जयपुर में हुआ था।और देवलोक गमन 29 अप्रेल 2017को 104साल की उम्र में हुआ है।
स्व श्री लक्ष्मी नारायण जी मीणा, मीणा समाज के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी रहे थे, इन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ समस्त राजस्थान में क्रांति की, मीणाओं पर थोपे गए,काले कानून को हटाने के लिए, केंद्र और राज्य सरकार के बड़े-बडे़ राजनेताओं से मिलकर ,काले कानून को समाप्त करवाया, मीणा, जाति के समाज हित में इनके अमुल्य योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। स्व श्री लक्ष्मी नारायण जी मीणा, ने मीणा समाज सुधार समिति बनाकर मीणा समाज को आरक्षण दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, झरवाल साहब के, संघर्ष और प्रयासों के साथ, मीणा समाज के अनेक नेताओं ने भी साथ दिया, सभी के सामुहिक प्रयासों से 1956 में मीणा जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करवाकर आरक्षण का लाभ दिलवाया गया। आदरणीय सम्माननीय स्व लक्ष्मी नारायण मीणा जी देश ,धर्म, “मीणा जाति” के उत्थान, विकास के लिए निस्वार्थ भाव से रात दिन कार्य किया आदरणीय सम्माननीय स्व लक्ष्मी नारायण जी झरवाल साहब, महात्मा गांधी से बहुत प्रेरित थे, इसलिए इनके आंदोलन अहिंसात्मक होते थे, इन्हें मीणा जाति के लोगों के साथ समस्त समाजों के लोग प्रेम से,गांधी जी कहा करते थे, ये आजीवन गांधी टोपी पहनते रहे इनके आचार विचार,सोच गांधीजी से प्रेरित रही थी।
आदरणीय लक्ष्मी नारायण जी, मीणा झरवाल साहब ने मीणा जाति के गौरवशाली ऐतिहासिक इतिहास को लिखकर समाज हित में बहुत बड़ा योगदान किया, इन्होने ,मीणा क्षत्रिय शासकों के अनेक ठिकानों, ऐतिहासिक इमारतों किले महलों, बावड़ियों, मंदिरों का पता कर नये सिरे से मीणा समाज का इतिहास लिखा, मीणा जाति के अतीत के वैभवशाली- गौरवशाली इतिहास का लेखन कर, मीणा समाज को गौरवान्वित किया। स्व लक्ष्मी नारायण जी झरवाल साहब ने मीणा समाज के विभिन्न गौत्र और गांवों की अमुल्य जानकारियां जुटाकर इतिहास लेखन कर मीणा समाज को जानकारी दी। लक्ष्मी नारायण जी झरवाल साहब ने समस्त राजस्थान के मीणा जाति को संगठित कर जाग्रत किया, शिक्षा का महत्व समझाया, जिसका नतीजा यह हुआ बड़े बड़े पदों पर आज मीणा समाज के अधिकारी कर्मचारी देखने को मिल रहे हैं।
आज हमारे लिए गर्व, गौरव और खुशी की बात है,ऐसी महान् विभुति हमारे समाज के लिए प्रेरणास्रोत रही है, इनके समाज हित में किए गए अमुल्य योगदानों को भुलाया नहीं जा सकता। लक्ष्मी नारायण जी झरवाल साहब मीणा समाज की एक महान विभूतियों में से एक है,1945 में नेहरू जी,से मिलकर, भी मीणा जाति के उत्थान के लिए, ज्ञापन दिया, इसके बाद, तात्कालीन उपराष्ट्रपति स्व श्री शंकर दयाल शर्मा, प्रधानमंत्री, स्व श्री राजीव गांधी द्वारा भी सम्मानित कर प्रस्सति पत्र प्रदान किए गए। राजस्थान के वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित पुर्व के सभी मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों द्वारा,और मीणा समाज के विभिन्न मंचों पर कई बार सम्मानित किया गया है, मीणा समाज, जाति के इतिहास में ये प्रथम व्यक्ति रहे थे, जिन्हें सबसे ज्यादा सम्मानित किया गया, सबसे अधिक प्रस्सति प्रमाण पत्र मिले हैं। समस्त राजस्थान की मीणा जाति के लिए लक्ष्मी नारायण जी, झरवाल साहब का योगदान प्रेरणादायक और सराहनीय है, इनके अनगिनत योगदानों का समस्त “मीणा समाज” हमेशा ऋणी रहेगा परम् आदरणीय सम्माननीय स्व श्री लक्ष्मी नारायण जी मीणा (झरवाल साहब की29/04/23को 6वीं पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन



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