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Madhya Pradesh News : म.प्र के प्रथम जिला छतरपुर से ‘बाल आधार पंजीयन अभियान’ का हुआ शुभारंभ

शासकीय अस्पतालों में ही नवजात शिशुओं के आधार पंजीयन की मिलेगी सुविधा

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश

जिले में नवजात शिशुओं के आधार पंजीयन को सुगम और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए शुक्रवार को जिला चिकित्सालय, छतरपुर में ‘बाल आधार पंजीयन अभियान’ का शुभारंभ किया गया। मध्य प्रदेश में 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग के नवजात शिशुओं के शत-प्रतिशत आधार पंजीयन के उद्देश्य से यह अभियान भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के निर्देशानुसार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी), मध्य प्रदेश सर्किल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
अभियान के शुभारंभ यूआईडीएआई मध्य प्रदेश के निदेशक सुमित मिश्रा, छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीना की गरिमामय उपस्थिति में किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, आईपीपीबी मध्य प्रदेश सर्किल प्रमुख मकरंद चितले, सीएमएचओ डॉ. आर.पी गुप्ता, सिविल सर्जन शरद चौरसिया एवं प्रबंधक ई-गवर्नेंस राहुल तिवारी सहित नवजात शिशुओं के अधिभावक एवं अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा।

जन्म के स्थान पर ही होगा आधार पंजीयन

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि नवजात शिशुओं के आधार पंजीयन की सुविधा उन्हें उसी स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जहां उनका जन्म पंजीकृत होता है। इसके लिए शासकीय अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आवश्यकता के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं उप-स्वास्थ्य केंद्रों में आधार नामांकन की व्यवस्था की जाएगी।
जिला मुख्यालय स्थित प्रमुख जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं सिविल अस्पताल तथा तहसील स्तर के प्रमुख सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक सप्ताह दो निर्धारित दिवसों पर आधार पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में संस्थागत जन्म की संख्या के आधार पर जिला प्रशासन के समन्वय से आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

अभिभावकों को नहीं लगाना पड़ेगा आधार केंद्र का चक्कर

इस व्यवस्था से नवजात शिशु के अभिभावकों को आधार पंजीयन के लिए अलग से आधार केंद्र जाने की आवश्यकता कम होगी। अस्पताल में ही जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया के साथ आधार नामांकन की सुविधा मिलने से पूरी प्रक्रिया अधिक सुगम, सुविधाजनक और समयबद्ध हो सकेगी। साथ ही अभिभावकों के मोबाइल नंबर को तत्काल अपडेट करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिससे बच्चों से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं डीबीटी सुविधाओं का लाभ लेने में सहायता मिलेगी।

मोबाइल हैंडसेट आधार किट से होगा नामांकन

अभियान के तहत यूआईडीएआई के निर्देशों के अनुरूप मोबाइल हैंडसेट आधार किट के माध्यम से नामांकन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आईपीपीबी द्वारा नामित आधार ऑपरेटर तथा आवश्यक मोबाइल हैंडसेट आधार किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूआईडीएआई एवं आईपीपीबी के समन्वय से इस अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा।

प्रत्येक बच्चे को समय पर मिले आधार पहचान- सुमित मिश्रा, निदेशक यूआईडीएआई

यूआईडीएआई मध्य प्रदेश के निदेशक सुमित मिश्रा ने कहा कि नवजात शिशुओं के आधार नामांकन की सुविधा जन्म के स्थान पर उपलब्ध कराना अभियान की महत्वपूर्ण विशेषता है। यूआईडीएआई का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चे को समय पर आधार पहचान उपलब्ध हो और अभिभावकों को पंजीयन के लिए अलग से आधार केंद्र जाने की आवश्यकता न पड़े। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और आईपीपीबी के सहयोग से मध्य प्रदेश में इस पहल को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं और जन्म पंजीकरण से जुड़ेगा आधार नामांकन- कलेक्टर

छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने कहा कि जिला चिकित्सालय से अभियान का शुभारंभ नवजात शिशुओं के आधार नामांकन को स्वास्थ्य सेवाओं और जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग, यूआईडीएआई और आईपीपीबी के साथ समन्वय कर जिले में इस सुविधा को प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक नवजात शिशुओं का समय पर आधार नामांकन सुनिश्चित हो सके।

नवजात शिशु आधार पंजीयन केन्द्र का हुआ शुभारंभ

इसके साथ ही जिला अस्पताल में नवजात शिशु आधार पंजीयन केन्द्र का अतिथियों द्वारा शुभारंभ किया और यूआईडीएआई निदेशक एवं कलेक्टर के समक्ष में केंद्र मेें ही बालक समर्थ शर्मा का आधार नामांकन कराया।

अभियान के प्रमुख बिंदु

– 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग के सभी नवजात शिशुओं के शत-प्रतिशत आधार नामांकन का लक्ष्य।
– शासकीय अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म के स्थान पर ही आधार नामांकन की सुविधा।
– मोबाइल हैंडसेट आधार किट के माध्यम से नामांकन की व्यवस्था।
– आईपीपीबी के सहयोग से नामित आधार ऑपरेटर एवं आवश्यक आधार किट की उपलब्धता।
– अभिभावकों के मोबाइल नंबर को तत्काल अपडेट करने की सुविधा।
– जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, यूआईडीएआई एवं आईपीपीबी के समन्वय से अभियान का क्रियान्वयन।

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