Madhya Pradesh News : नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण के लिए अधिवक्ताओं को किया प्रोत्साहित
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं के साथ की बैठक, 12 सितंबर को आयोजित होगी नेशनल लोक अदालत
ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 12 सितंबर 2026, शनिवार को जिला न्यायालय छतरपुर सहित तहसील न्यायालय नौगांव, बिजावर, लवकुशनगर, राजनगर एवं बड़ामलहरा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों एवं अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रविन्दर सिंह ने अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में श्री सिंह ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण कराने के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से विवादों के निराकरण का प्रभावी माध्यम है। इससे पक्षकारों के बीच उत्पन्न वैमनस्यता समाप्त होती है और दोनों पक्षों की जीत होती है। नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के साथ-साथ ऐसे प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा, जिनमें भविष्य में न्यायालयीन विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में कोर्ट फीस नहीं लगती है, जबकि लंबित प्रकरणों में पूर्व में जमा की गई कोर्ट फीस वापस होने का प्रावधान है। पक्षकार स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर तथा संबंधित तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क कर सकते हैं।

विद्युत प्रकरणों में विशेष छूट का मिलेगा लाभ लोक अदालत में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत लंबित विद्युत चोरी के प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत विभाग एवं राज्य शासन द्वारा विशेष छूट भी प्रदान की जा रही है। निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं तथा 5 किलोवाट तक के गैर-घरेलू एवं 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को इस छूट का लाभ मिलेगा। प्री-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत तथा निर्धारित अवधि के बाद लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वहीं लिटिगेशन स्तर पर आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत तथा निर्धारित अवधि के बाद लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। छूट का लाभ लेने वाले आवेदक को छूट के बाद शेष देय आंकलित सिविल दायित्व की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। साथ ही संबंधित उपभोक्ता/उपयोगकर्ता के नाम से अन्य परिसरों में संचालित विद्युत संयोजनों के विरुद्ध बकाया विद्युत देयकों का भी पूर्ण भुगतान करना होगा। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, अभिभाषक संघ के अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह चौहान, उपाध्यक्ष सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

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