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Madya Pradesh News : यूसीसी के विरोध में जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला शाहडोल ने राष्ट्रपति महोदय के नाम सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर रईश मोहम्मद शहडोल म.प्र.

शाहडोल। जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला शाहडोल की ओर से समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में आज राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष मौलाना जरियाब साक़िबी साहब के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिला शक्ति के साथ-साथ जमीयत उलमा-ए-हिंद के पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। यह कार्यक्रम अमीर-ए-शरीयत, हज़रत-ए-अक़दस मौलाना मुफ्ती अहमद खान साहब, प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही और उन्होंने यूसीसी को लेकर अपने गंभीर विरोध एवं चिंताओं को व्यक्त किया। ज्ञापन में कहा गया कि समान नागरिक संहिता के नाम पर देश के विभिन्न धार्मिक समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों को प्रभावित करने वाला कोई भी प्रावधान स्वीकार्य नहीं है। विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के निकाह, तलाक, विरासत, परिवार एवं अन्य व्यक्तिगत मामलों का संबंध धार्मिक मान्यताओं और शरीयत के नियमों से है। इसलिए सरकार को चाहिए कि सभी समुदायों की धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हुए यूसीसी को लागू करने के प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे।
जमीयत की ओर से यह भी कहा गया कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के नाम पर ऐसा कानून नहीं बनाया जाना चाहिए, जिससे उनके धार्मिक एवं पारिवारिक अधिकार प्रभावित हों। मुस्लिम समाज अपने धार्मिक एवं व्यक्तिगत कानूनों के संरक्षण के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखता रहेगा।

ज्ञापन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शहर सदर जनाब हाजी जकरिया साहब, संरक्षक हाजी सरवर अली साहब, जिला उपाध्यक्ष जनाब हाजी इरशाद साहब, जिला मीडिया प्रभारी हसीब अख्तर साहब, कोषाध्यक्ष जुनेद साहब तथा जिला जनरल सेक्रेटरी हाफिज एजाज साहब , मौलाना हारिस, जनाब राशीद, जनाब असलम, जनाब अलाउद्दीन साहब जनाब आफाक साहब सहित जमीयत उलमा-ए-हिंद के अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला शाहडोल ने स्पष्ट किया कि यूसीसी के विरोध में यह अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा और समाज के लोगों को अपने संवैधानिक एवं धार्मिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता रहेगा।

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