Madya Pradesh News : 1857 की क्रांतिकारी विरांगना रानी अवंतीबाई की जयंती पर मक्सी में गूंजे जयकारे, निकला भव्य चल समारोह
बग्घी में सजी वीरांगना की तस्वीर, ढोल-ताशों की गूंज के बीच उमड़ा लोधी समाज; जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत

सिटी रिपोर्टर जुगलकिशोर भावसार शाजापुर म.प्र.
मक्सी। 1857 की क्रांति की वीरांगना एवं रामगढ़ की महारानी रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती के अवसर पर रविवार को मक्सी में लोधी समाज द्वारा भव्य चल समारोह निकाला गया। हाथों में भगवा ध्वज, बैंड-बाजों और ढोल-ताशों की गूंज के साथ “अवंतीबाई लोधी अमर रहें” के जयघोष से पूरा नगर वीरांगना के सम्मान में गूंज उठा। समारोह में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं समाज के वरिष्ठजन शामिल हुए।चल समारोह की शुरुआत लोधी धर्मशाला से हुई। इससे पूर्व समाजजनों ने रानी अवंतीबाई लोधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद वीरांगना की तस्वीर को सुसज्जित बग्घी में विराजमान कर चल समारोह नगर भ्रमण के लिए रवाना हुआ।

समारोह एबी रोड होते हुए नई आबादी पहुंचा, जहां नर्मदेश्वर महादेव सेवा समिति की ओर से पोहे का भंडारा आयोजित कर समाजजनों का स्वागत किया गया। इसके बाद गली नंबर 1, 2 और 3 से होते हुए समारोह पुनः एबी रोड पहुंचा। इस दौरान आनंद केरवाल एवं राहुल बाबूसिंह केरवाल के नेतृत्व में पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं कैलाश लोधी ठेकेदार एवं बंटी लोधी की ओर से भी पोहे का भंडारा आयोजित किया गया। नगरपरिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहनसिंह पटेल द्वारा साफा बंधकर पुष्पा वर्षा से स्वागत किया तथा
भाजपा कार्यालय के सामने मण्डल अध्यक्ष गोविंद पटेल द्वारा चल समारोह का स्वागत किया। इसी दौरान अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध राजपूत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल सिंह राजपूत ने समाजजनों को संबोधित किया। उन्होंने रानी अवंतीबाई लोधी के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए समाज की एकता, शिक्षा और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया।
चल समारोह में देवास के अखिल भारतीय लोधी लोधा लोध राजपूत महासभा के प्रदेश कार्यवाह अध्यक्ष रमेश कौशल सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
इसके बाद नया बाजार स्थित हिंदू उत्सव समिति के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर समाजजनों को भगवा दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।

समारोह में मक्सी व आसपास से बडी संख्या में समाजजन शामिल हुए।
नगर भ्रमण के बाद चल समारोह गंगा घाट होते हुए पुनः लोधी धर्मशाला पहुंचा, जहां लोधी गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह चल समारोह इस बार भी समाज की एकजुटता, युवा शक्ति और वीरांगना के प्रति श्रद्धा का प्रभावशाली दृश्य प्रस्तुत करता नजर आया।




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