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Madhya Pradesh News धार जिले के डेहरी ग्राम में श्री राम कथा कह रही है भगवान जाति नहीं देखते श्री : चौबे जी

श्री राम कथा का अंतिम दिन

रिपोर्टर संदीप राठौड़ कुक्षी धार मध्य प्रदेश

भगवान श्री राम की कथा कह रही है भगवान जाति नहीं देखते भगवान तो स्नेह देखते हैं प्रेम देखते हैं त्याग समर्पण का भाव देखते हैं तभी तो विवाह पर पशुओं को कटता देख सबरी भीलनी ने ली थी प्रभु की शरण और एक कुटिया बनाकर राह देखने लगी एक दिन मेरी कुटिया में मेरे राम आएंगे और शबरी भीलनी ने प्रभुराम के प्रति अपनी भक्ति को 18 साल की उम्र से 80 साल की उम्र तक लगाए रखा और एक दिन श्रीराम को अपने द्वार पर पाया ओर प्रभु राम ने भी अपने भक्त की चाह शबरी की चाह की मेरे राम मीठे बेर ही खाये तो प्रभु ने शबरी के मीठे झूठे बेर खा कर शबरी की राम भक्ति का प्रसाद पुरे जगत को कराया इसीलिए यह राम कथा सिखाती है की प्रभु राम जात पात नही भक्ति देखते है उक्त बात डेहरी श्री राधे-राधे महिला मंडल के तत्वाधान में माँ कालिका मंदिर प्रांगण मैं संपन्न हो रही श्री राम कथा को आठवें दिन संबोधित करते हुए श्री शिव बगलामुखी साधक प्रख्यात कथावाचक पंडित बनवारी आर चौबे जी ने हजारों श्रोताओं को संबोधित करते हुए कही।साथ ही आपने वन में घटी श्री राम जी के साथ की घटनाओं का वर्णन श्री रामकथा में कर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वही प्रतिदिन की तरह राधे-राधे महिला मंडल की सदस्यों द्वारा श्री राम पोती का पूजन किया गया ओर पूज्य गुरुदेव के द्वारा लाभार्थियों का सम्मान किया गया आठवें दिन के प्रसादी के लाभार्थी हुए महाकाल सेना, ब्रजमोहन गुप्ता जियाजी,अजय महाजन डेहरी थे इस अवसर पर युवा समाजसेवी महेंद्र बघेल सुंदरकांड भजन मंडली के प्रमुख मनोज जी तिवारी भीलाला समाज के प्रमुख माधव सिंह जी जामोद टीकम भाई प्रजापत रवि भोपे सहित महाकाल सेना के सभी सदस्यों का पुज्य कथावाचक श्री चौबेजी द्वारा गमछा ओड़ा कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश गहलोत द्वारा किया गया वह आठवें दिन राधे-राधे महिला मंडल की ओर से सदस्या श्रीमती वंदना राठौड़ ने सभी का आभार माना।

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