Gujarat News : ₹2,000 के UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज? संसद में पेश बिल को लेकर जानिए पूरी जानकारी
ब्यूरो चीफ पठान अकबरखान वडोदरा, गुजरात
नई दिल्ली। सरकार ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम (संशोधन) विधेयक, 2027 पेश किया है। इस प्रस्तावित विधेयक में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से जुड़े प्रावधान शामिल हैं, जिसके बाद ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लगने की चर्चा तेज हो गई है। क्या आम उपभोक्ताओं को चार्ज देना होगा? प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, सामान्य उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। संभावित MDR केवल व्यावसायिक (Merchant) लेनदेन पर लागू हो सकता है।
किन ट्रांजैक्शनों पर असर पड़ सकता है? यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) UPI भुगतान पूरी तरह शुल्क-मुक्त रहेंगे।
रोजमर्रा की खरीदारी पर क्या असर होगा? दूध, सब्जी, किराना, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी जैसे सामान्य भुगतान पर इस प्रस्ताव का कोई प्रभाव नहीं पड़ने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। व्यापारियों पर रहेगा MDR का भार MDR वह शुल्क है, जो व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक और पेमेंट सेवा प्रदाताओं को देते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में यह शुल्क व्यापारियों पर ही लागू होगा, ग्राहकों पर नहीं।
कितना हो सकता है शुल्क? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.40% तक MDR लागू किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, इसे कब और किस स्वरूप में लागू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। महत्वपूर्ण बात फिलहाल यह सिर्फ एक प्रस्तावित विधेयक है। इसे कानून बनने के लिए संसद की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसलिए अभी आम UPI उपयोगकर्ताओं के लिए कोई नया शुल्क लागू नहीं हुआ है।

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