Gujarat News : अहमदाबाद: साबरमती सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवाल, नकली वकील बनकर कैदी से मिलने का मामला चर्चा में
ब्यूरो चीफ पठान अकबरखान वडोदरा, गुजरात
अहमदाबाद (गुजरात)। अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। सुरंग कांड, मोबाइल फोन और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के बाद अब नकली वकील बनकर जेल में प्रवेश करने का मामला सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 जुलाई को क्रिकेट सट्टेबाजी के मामले में आरोपी हरेश मूलचंदानी कथित रूप से नकली वकील बनकर जेल के वकील मीटिंग रूम तक पहुंच गया और एक बंदी से मुलाकात की। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि उसने कथित रूप से फर्जी वकील पहचान पत्र का इस्तेमाल किया। मामले में यह भी जांच का विषय है कि कहीं जेल कर्मियों की मिलीभगत तो नहीं थी और क्या प्रवेश से पहले पहचान पत्र का समुचित सत्यापन किया गया था। सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिनसे कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

कौन है हरेश मूलचंदानी?
जानकारी के मुताबिक, नरन चिलोडा क्षेत्र निवासी हरेश मूलचंदानी के खिलाफ स्टेट मॉनिटरिंग सेल ने क्रिकेट सट्टेबाजी के मामले में कार्रवाई की थी। उस पर कथित रूप से सूचीबद्ध बूटलेगर विनोद सिंघी से मास्टर आईडी लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित करने और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े होने के आरोप हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। यदि जांच में सुरक्षा में चूक या किसी अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

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