Uttar Pradesh News : वाराणसी कमिश्नरेट सीपी मोहित अग्रवाल 30 दिन से ज्यादा लंबित मिली विवेचना तो होगी जवाबदेही
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का सख्त अल्टीमेटम, महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस
ब्यूरो चीफ निखिलेश कुमार मिश्रा वाराणसी उत्तर प्रदेश
वाराणसी। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कैंप कार्यालय में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित विवेचनाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी विवेचना 30 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने जघन्य अपराधों, गैंगस्टर एक्ट, गोवध अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम, ई-समन, ई-नोटिस, ई-वारंट और ई-साक्ष्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले में निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। पुलिस आयुक्त ने गैर-जमानती वारंटों के निष्पादन के लिए तीन दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में कोई ढिलाई न बरती जाए।

बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने पर भी जोर दिया गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के समयबद्ध अपलोड, आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा विवेचनाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कहा कि तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर मामलों का शीघ्र और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने महिला अपराधों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, निष्पक्ष विवेचना हो और दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा और जवाबदेही के साथ कार्य करें।



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