Jharkhand News : रेलवे ट्रैक के पास धंसी जमीन, सोनारडीह हाल्ट में मचा हड़कंप; तीन घंटे तक चला मरम्मत अभियान
सोनारडीह में ट्रैक से कुछ दूरी पर बना गोफ, रेलवे ने तत्काल भराई कर सुरक्षित बताया रेलमार्ग
ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
धनबाद: धनबाद-चंद्रपुरा (डीसी) रेलखंड पर मंगलवार सुबह सोनारडीह हाल्ट के समीप रेलवे ट्रैक के पास जमीन धंसने (गोफ बनने) की सूचना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। ट्रैक से लगभग चार मीटर की दूरी पर अचानक बने इस गोफ की जानकारी मिलते ही रेलवे के अभियंत्रण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए। राहत की बात यह रही कि समय रहते कार्रवाई होने से रेल परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी ट्रेनें सामान्य रूप से चलती रहीं। सूचना मिलने के बाद पीडब्ल्यूआई शैलेंद्र कुमार, आईडब्ल्यू गौरीशंकर शर्मा सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति का जायजा लेने के बाद जेसीबी और ट्रैक्टर की सहायता से गोफ की भराई का कार्य शुरू कराया गया। करीब तीन घंटे तक चले अभियान के दौरान धंसी हुई जमीन को पूरी तरह भर दिया गया। इसके साथ ही इंजीनियरिंग टीम ने रेलवे ट्रैक का तकनीकी निरीक्षण कर उसकी मजबूती और सुरक्षा की भी जांच की।

रेलवे के सहायक अभियंता अजित कुमार सिंह ने बताया कि जिस क्षेत्र में गोफ बना है, वह पहले से भूमिगत आग से प्रभावित इलाकों में शामिल रहा है। हालांकि वर्तमान में रेलवे ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित है और कहीं भी किसी प्रकार का खतरा नहीं पाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी है और यात्रियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि गोफ बनने के वास्तविक कारणों का तकनीकी स्तर पर विस्तृत परीक्षण कराया जाएगा। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में वर्षों पुरानी भूमिगत आग, बंद पड़ी खदानें और लगातार हो रही बारिश के कारण जमीन कमजोर होती जा रही है। उनका मानना है कि इन्हीं कारणों से समय-समय पर जमीन धंसने जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोगों ने रेलवे और संबंधित विभागों से मांग की है कि सोनारडीह और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को समय रहते टाला जा सके। रेलवे अधिकारियों ने भी आश्वस्त किया है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा तकनीकी टीम लगातार इलाके की स्थिति पर नजर रखेगी। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार का जोखिम सामने आता है तो आवश्यक सुरक्षात्मक कदम तत्काल उठाए जाएंगे।

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