Madhya Pradesh News : भ्रष्टाचार की चर्चाओं के मध्य बक्सवाहा के दो अधिकारियों ने पेश की ईमानदारी की मिसाल।
जनसेवा,पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्यशैली से जीता लोगों का विश्वास,बक्सवाहा के दो अधिकारी बने चर्चा का विषय।

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
बड़ा मलहरा// मध्यप्रदेश में इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।हाल ही में सतना जिले के एक निलंबित उपयंत्री द्वारा विभागीय कार्यप्रणाली और कथित कमीशन व्यवस्था को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक तंत्र पर कई सवाल खड़े किए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा जांच की प्रक्रिया की प्रतीक्षा है। इसी माहौल के बीच छतरपुर जिले के बक्सवाहा क्षेत्र से प्रशासन की एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार नायब तहसीलदार सुनील केवट तथा जनपद पंचायत बक्सवाहा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लक्ष्मी नारायण रावत ने अपनी ईमानदार,पारदर्शी और जनहितैषी कार्यशैली से लोगों के बीच अलग पहचान बनाई है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि दोनों अधिकारी नियमों और कानून के अनुरूप निर्णय लेने,निष्पक्ष प्रशासन देने तथा आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के लिए जाने जाते हैं।उनके कार्यों से लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत हुआ है और जनसामान्य में उनकी कार्यशैली की लगातार सराहना हो रही है। आज जब भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं ऐसे समय में ईमानदारी,पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करने वाले अधिकारी सुशासन की सशक्त पहचान बनकर उभरते हैं। प्रशासनिक सेवा में निष्पक्षता और संविधान के प्रति निष्ठा ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े प्रत्येक आरोप की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए वहीं ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पित अधिकारियों को सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाए। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।


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