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Chhattisgarh News : भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव के खिलाफ सिरकीखुर्द की महिला उपसरपंच ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से की न्याय की गुहार

प्रधान पाठकों पर सरकारी भर्ती छिपाने, निर्वाचित महिला प्रतिनिधि का अपमान करने और मध्याह्न भोजन में जातिवाद फैलाने का गंभीर आरोप

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा:- विकासखंड पाली के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द में शासकीय नियमों की धज्जियाँ उड़ाने और सामाजिक समरसता को तार-तार करने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है ग्राम पंचायत सिरकीखुर्द की महिला उपसरपंच एवं स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष कमलेश्वरी दिव्या ने स्कूल के प्रधान पाठकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की मांग की है । उपसरपंच ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन के निर्देशों को ठेंगा दिखाकर गरीब युवाओं को रोजगार से वंचित किया गया और स्कूलों को जातिगत भेदभाव का अखाड़ा बना दिया गया है ।

प्रमुख आरोप, जिन पर उपसरपंच ने उठाए तीखे सवाल ०१. भर्ती में पारदर्शिता का अभाव (गरीब युवाओं से धोखा):- जिला प्रशासन द्वारा DMF मद से शासकीय कन्या आश्रम और मा.पू.मा.शा. गांधीनगर सिरकीखुर्द में मानदेय भृत्य भर्ती के निर्देश दिए गए थे आरोप है कि दोनों स्कूलों के प्रधान पाठकों ने इस सूचना को पूरी तरह छिपा कर रखा न तो मुनादी कराई गई न ही सूचना पटल पर जानकारी दी गई जिससे गाँव के 8वीं पास गरीब मजदूर युवाओं को फॉर्म भरने का मौका ही नहीं मिला । ०२. मध्याह्न भोजन में शर्मनाक जातिगत भेदभाव:- बैठक के दौरान यह घिनौना सच सामने आया कि पूर्व माध्यमिक शाला सिरकीखुर्द में मध्याह्न भोजन बनाने वाली SC (अनुसूचित जाति) वर्ग की महिला को अन्य वर्ग की महिलाओं द्वारा जातिगत मानसिकता के कारण काम से हटा दिया गया प्रधान पाठक ने भी इस पर कोई निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जो उनकी जातिगत मानसिकता को दर्शाता है । ०३. चुनी हुई जनप्रतिनिधि (महिला) का घोर अपमान:- 30 जून 2026 को बुलाई गई स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक को नियमों के ताक पर रखकर गैर-कानूनी तरीके से संचालित किया गया बैठक में उपसरपंच कमलेश्वरी दिव्या के चयन प्रक्रिया और उनके परिवार पर भद्दी व अशोभनीय टिप्पणियां की गईं जो एक निर्वाचित महिला और संपूर्ण समाज का अपमान है । लिखित साक्ष्य और कॉल रिकॉर्डिंग जिला प्रशासन को सुपुर्द उपसरपंच कमलेश्वरी दिव्या ने बताया कि उनके पास संकुल प्रभारी और प्रधान पाठकों की मनमानी लापरवाही और जातिगत भेदभाव को स्वीकार करने वाली कॉल रिकॉर्डिंग वीडियो और ठोस गवाह मौजूद हैं जिसे उन्होंने कलेक्टर महोदय को सौंप दिया है ।

कलेक्टर से की गई प्रमुख मांगें:- ०१. नियमों की अवहेलना करने वाले और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाले दोषी प्रधान पाठकों को तत्काल निलंबित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ।
०२. DMF मद से हो रही भृत्य भर्ती की वर्तमान प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः पारदर्शिता के साथ तारीख बढ़ाकर आवेदन मंगाए जाएं ताकि हर गरीब पात्र युवा को मौका मिले । ०३. स्कूलों और मध्याह्न भोजन समूहों में OBC SC ST और GENERAL सभी समुदायों की महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित की जाए । ०४. स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) का पुनर्गठन कर सामाजिक समरसता का माहौल बनाया जाए ।

उपसरपंच व अध्यक्ष स्थाई शिक्षा समिति ग्राम के कमलेश्वरी दिव्या ने सौंपे गए ज्ञापन बताया कि एक अनुसूचित जाति समाज से आती हूँ और गाँव की चुनी हुई प्रतिनिधि हूँ जब हमारे साथ और स्कूल के गरीब बच्चों के हक के साथ ऐसा खिलवाड़ होगा तो मैं चुप नहीं बैठूंगी मुझे जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय पर पूरा भरोसा है कि वे 250-300 बच्चों के भविष्य और गरीब युवाओं के हित में शीघ्र न्याय करेंगे इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि ग्राम की चुनी हुई उप-सरपंच के नाते ग्राम के समग्रा विकास के लिए सही कार्य करने को लेकर ग्राम में विचार व प्रस्ताव की बात रखती हूं तो मेरे प्रस्ताव का अवेहलना कुछ कथाकथित लोगों के द्वारा की जाती है ।

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