Uttar Pradesh News : मानवाधिकार एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन पर मंथन, स्व. सरवत महमूद ख़ाँ स्मारिका का लोकार्पण
राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन की बैठक में पूर्व संरक्षक स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रिपोर्टर रफ़ी उल्लाह खान रामपुर उत्तर प्रदेश
लखनऊ। राष्ट्रीय मानवाधिकार एण्ड एंटी करप्शन मिशन की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक गोमती नगर स्थित विभूति खंड में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संस्थापक डॉ. वसीम रज़ा अंसारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संगठन के विस्तार, मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार उन्मूलन, सामाजिक न्याय, जनजागरूकता तथा उत्तर प्रदेश में संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव एवं सलाहकार श्री चंदन कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुँवर नसीम रज़ा सिकरवार, राष्ट्रीय महामंत्री जनाब शमीम आलम, प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष नारायण सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री एम. फैजान सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य आकर्षण संगठन के पूर्व संरक्षक स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ की पावन स्मृति में प्रकाशित “स्मारिका सरवत महमूद ख़ाँ” का सामूहिक लोकार्पण रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वसीम रज़ा अंसारी एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्मारिका का विमोचन कर स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ संगठन के संस्थापक सदस्यों में अग्रणी तथा पूर्व संरक्षक के रूप में सदैव प्रेरणास्रोत रहे। उन्होंने मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, जनसेवा, पारदर्शिता तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनजागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संगठन के प्रति समर्पण और मानवीय संवेदनाएँ आज भी संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। वक्ताओं ने कहा कि “स्मारिका सरवत महमूद ख़ाँ” उनके जीवन-संघर्ष, सामाजिक योगदान और मानवीय मूल्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। अपने संबोधन में डॉ. वसीम रज़ा अंसारी ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल मानवाधिकारों की रक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता, पारदर्शिता एवं भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए जनभागीदारी को सशक्त बनाना भी है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कुँवर नसीम रज़ा सिकरवार ने कहा कि स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ सेवा, सादगी, ईमानदारी और मानवता के सच्चे प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि “स्मारिका सरवत महमूद ख़ाँ” का प्रकाशन उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक सार्थक प्रयास है। यह स्मारिका केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, संगठन निर्माण, सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायी दस्तावेज़ है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से स्वर्गीय सरवत महमूद ख़ाँ के आदर्शों का अनुसरण करते हुए संगठन के मिशन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संगठन के प्रति समर्पण, सक्रिय कार्यशैली एवं उत्कृष्ट संगठनात्मक योगदान के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष श्री एम. फैजान को राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष नारायण सिंह ने उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार हेतु चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी देते हुए जिला, तहसील एवं ब्लॉक स्तर तक संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया। बैठक का समापन संगठन की एकता, अनुशासन एवं सेवा-भावना को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ हुआ। सभी पदाधिकारियों ने मानवाधिकार संरक्षण, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।




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