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Chhattisgarh News बरसात शुरू होते ही बढ़ी मुसीबत

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

मल्हार। जिले के महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल व नगर पंचायत मल्हार की मुख्य सड़कें व गलियां अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। सैकड़ो लिखित शिकायतों व मौखिक जानकारी देने के बावजूद भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ सत्ता में बैठे नेता भी ध्यान नही दे रहे है। जिसके कारण स्थानीय व क्षेत्रीय लोगो में आक्रोश देखा जा रहा है। वैसे भी नगर की जनता मूलभूत जरूरतों के लिए वर्षो से संघर्षरत है, यहां ना ही चलने लायक अच्छी सड़कें है और ना ही पीने के शुद्ध पानी इसके अलावा सबसे ज्यादा जरूरी बिजली की समुचित प्रबन्ध, इन सबके बीच ही नगर के लोगो को मजबूरन गुजारा करना पड़ है। वहीं यहां की सड़कें बरसात शुरू होते ही गड्ढो में तब्दील हो जाते है जिससे आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो जाता है।

नगर के बस स्टैंड स्थित प्रवेश द्वार से माता डिडनेश्वरी मंदिर तक के इस डेढ़ किलोमीटर के सड़क को सुव्यवस्थित बनाने व चौड़ीकरण की मांग वर्षो से हो रही है जिसके लिए नगरवासियो ने सैकड़ो बार सम्बंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर मांग भी दिए इसके अलावा पूर्व व वर्तमान विधायक तथा सांसद को भी जानकारी दी गई थी इसके बावजूद भी ध्यान नही देना यह बात समझ से परे है। ऐसा भी नही है कि इस जर्जर हो चुके मुख्य मार्ग की जानकारी किसी को नही है कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, सांसद , मंत्री, विधायक सहित सभी अधिकारियों को आनाजाना इसी मार्ग से होता है क्योंकि यह मल्हार का इकलौता मुख्य मार्ग है जहां से सभी प्राचीन मंदिरों व आसपास के कई गांवों के साथ जांजगीर जिले को भी यह मार्ग जोड़ता है। इन सबके बावजूद भी उदासीनता बरतने व उपेक्षा करने से नाराज लोगो को उग्र आंदोलन करने बाध्य किया जा रहा है। मिन्नतें करते रहे फिर भी नही बन पाई मुख्य सड़क…. नगरवासियो की शुरू से ही सबसे प्रमुख व बड़ी मांग यही रही कि इस मुख्य को सुव्यवस्थित तरीके से चौड़ीकरण कर बनवा दिया जाए जिसके लिए भाजपा की नई सरकार बनने के बाद नगर प्रवास पर आए मंत्रियों से आग्रह भी किया जा चुका है। बावजूद इसके पुरावैभव कि लिए विख्यात मल्हार की घोर उपेक्षा हो रही है। लोगो का मानना है कि दशकों से बस स्टैंड के प्रवेश द्वार से माता डिडनेश्वरी मंदिर तक चौड़ीकरण की मांग कर रहे है परन्तु आज तक किसी राजनीतिक पार्टी ने इस अतिआवश्यक मांग पर अमल करने ईमानदारी से प्रयास नही किया। नतीजतन ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण मल्हार आवागमन के सुलभ मार्ग नही होने का दंश झेल रहा है।

पूरा मार्ग गड्ढो में तब्दील….पुरावैभव की इस नगरी का एकमात्र मुख्य मार्ग अत्यंत ही संकीर्ण है। साथ ही अब बरसात में यह मार्ग पूरी तरह से गड्ढे में तब्दील हो चुका है, जिससे पर्यटकों सहित नगर के लोगो व अन्य गाँव जाने वाले लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ता है इन विकट समस्या से निजात पाने कई बार प्रयास किये गए परन्तु राजनीतिक व प्रशासनिक उदासीनता के कारण सफलता नही मिली। प्रसिद्धि के बावजूद भी धर्मनगरी बदहाल….ऐसा नही है कि छतीसगढ़ के नेताओ व प्रशासनिक अधिकारियों को मल्हार की महत्ता मालूम नही है, पुराविदों के अनुसार यहां विश्व की सबसे प्राचीन विष्णुजी की प्रतिमा एक छोटे से कमरे में अवस्थित है जो भारतवर्ष के लिए गर्व की बात है, इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध माता डिडनेश्वरी व भगवान पातालेश्वर महादेव विराजित है और हजारों की संख्या में प्राचीन मूर्तियां व अवशेष है जो शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे भी बड़ी बात ये है कि 15 दिन पूर्व मन की बात रेडियो प्रसारण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मल्हार में मिले हजारो वर्ष पुराने ताम्रपत्र का जिक्र भी किया था जिसके बाद मल्हार का नाम पूरे देश मे सुर्खियों में आया था। यहाँ उत्खनन में मिले प्राचीन अवशेषों को लेकर पुरातत्वविदो ने मल्हार को विलक्षण पौराणिक स्थल भी माना है जो प्राचीन भारत की कई अनसुलझी कहानियों को उजागर कर सकती है।

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