ब्रेकिंग न्यूज़

Jharkhand News धनबाद में उद्यमियों के लिए जिला स्तरीय कार्यशाला, सरकारी खरीद और स्वरोजगार योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

उद्यमिता को मिलेगी नई रफ्तार: जिला उद्योग केंद्र की कार्यशाला में 35 उद्यमियों को मिला प्रशिक्षण और मार्गदर्शन

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड

धनबाद, 06 जुलाई 2026: उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को जिला उद्योग केंद्र, धनबाद में “उद्यम कैम ऑन सार्वजनिक खरीद का सत्यापन” विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 35 उद्यमियों ने भाग लेकर सरकारी योजनाओं, व्यवसाय स्थापना और सार्वजनिक खरीद प्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।


कार्यशाला की शुरुआत जिला उद्योग केंद्र के ईओडीबी प्रबंधक आदित्य चौधरी द्वारा उद्यमियों का स्वागत करते हुए की गई। उन्होंने सार्वजनिक खरीद के सत्यापन की प्रक्रिया, उससे मिलने वाले लाभ तथा सरकारी विभागों में उत्पाद एवं सेवाओं की आपूर्ति के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने जिला उद्योग केंद्र द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, विशेष रूप से पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) और पीएम विश्वकर्मा योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता से संबंधित पहलुओं को समझाया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित डीडीएम नाबार्ड श्रीमती शिवांगी शुभम ने नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं और सरकारी खरीद व्यवस्था में उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं लघु उद्यमों को मजबूत बनाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।

वहीं फ्लोर मिल एसोसिएशन के सचिव कैलाश चंद्र गोयल ने नए उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया, स्टार्टअप इंडिया पहल तथा सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग लगाने की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उद्यमियों को आधुनिक तकनीक अपनाने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में जिला उद्यमी समन्वयक कुमारी नीलू सहित जिला उद्योग केंद्र के प्रखंड उद्यमी समन्वयक भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें व्यवसाय विस्तार एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना तथा स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करना रहा।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button