Uttar Pradesh News सहारनपुर के ऐतिहासिक दीनी व शैक्षणिक मर्कज़ ‘जामिया मजाहिर उलूम’ पहुंचे रामपुर सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी

रिपोर्टर रफ़ी उल्लाह खान रामपुर उत्तर प्रदेश
वरिष्ठ उलेमा-ए-किराम और अवाम ने किया अभूतपूर्व वालहाना इस्तकबाल;
सांसद ने कहा मजाहिर उलूम की सौ बरस की दीनी व इल्मी खिदमात मुल्क के इतिहास का नायाब और स्वर्णिम अध्याय हैं। रामपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी अपने विशेष शिष्टाचार दौरे के तहत आज सहारनपुर स्थित इस्लामी जगत के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक दीनी व शैक्षणिक मर्कज़ ‘जामिया मजाहिर उलूम’ पहुंचे। संस्थान परिसर में आगमन पर देश के विख्यात और शीर्ष उलेमा-ए-किराम, शिक्षकों, प्रबंधकीय पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा सांसद महोदय का फूलों की वर्षा के साथ अत्यंत अभूतपूर्व, भावुक और वालहाना (भव्य) स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान सांसद ने जामिया के जिम्मेदारान और प्रबुद्ध जनों के साथ एक उच्च स्तरीय विशेष बैठक में भी शिरकत की।

बैठक के दौरान जामिया मजाहिर उलूम के वरिष्ठ उलेमा ने संस्थान की एक शताब्दी (सौ वर्ष) से भी अधिक पुरानी और गौरवशाली शैक्षणिक, धार्मिक, सामाजिक सुधार (इसलाही) और राष्ट्रीय सेवाओं पर विस्तार से रौशनी डाली। बैठक में उलेमा ने सर्वसम्मति से इस बात को रेखांकित किया कि मजाहिर उलूम ने हमेशा देश और समाज के निर्माण में एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है। यहाँ का इतिहास ज्ञान, सदाचार और मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब का एक बेमिसाल और स्वर्णिम अध्याय है, जिसने हमेशा देश को मानवता और राष्ट्रीय अखंडता का पाठ पढ़ाया है। सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी का विशेष वक्तव्य जामिया मजाहिर उलूम सिर्फ एक इमारत या मदरसा नहीं है, बल्कि यह वह रूहानी और इल्मी चश्मा है जिसने हिंदुस्तान के कोने-कोने को ज्ञान के नूर से रोशन किया है। यहाँ के उलेमा ने आज़ादी की लड़ाई से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक में जो कुर्बानियां और खिदमात दी हैं, उन्हें कभी फरामोश नहीं किया जा सकता। आज यहाँ आकर मुझे रूहानी सुकून का अहसास हुआ है।
इस पावन दौरे के अंतर्गत सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने सूफी संतों, महान विचारकों और उलेमा की मुकद्दस सरज़मीन ‘खानकाह-ए-रशीदिया’ का भी रुख किया। खानकाह में हाजिरी देकर उन्होंने मुल्क की तरक्की, राष्ट्रीय एकता, आपसी भाईचारे और देश से नफरतों के खात्मे के लिए विशेष दुआएं मांगीं। संस्थान के ज़िम्मेदारान के साथ हुई इस शिष्टाचार व मैत्रीपूर्ण मुलाकात में देश के मौजूदा हालात, आधुनिक शिक्षा और दीनी तालीम के बेहतरीन समन्वय, युवाओं के रोजगारपरक उत्थान और अल्पसंख्यक समाज के शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने जैसे बेहद अहम और संजीदा विषयों पर सकारात्मक व दूरगामी विमर्श हुआ। दौरे के यादगार समापन अवसर पर जामिया मजाहिर उलूम प्रबंधन की जानिब से सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को संस्थान के सुनहरे इतिहास, सेवाओं और अनुसंधान पर आधारित कुछ दुर्लभ व अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पुस्तकें और स्मृति चिह्न (तबर्रुकात) भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। सांसद महोदय ने इस अभूतपूर्व सम्मान, स्नेह और दुआओं के लिए पूरी मजाहिर उलूम बिरादरी, उलेमा-ए-किराम और स्थानीय अवाम का सहृदय आभार प्रकट किया ये जानकारी सांसद मीडिया प्रभारी एडवोकेट महबूब अली पाशा ने दी




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