Jharkhand News 20 साल बाद घर लौटी मां, लेकिन अपनों ने नहीं खोले दरवाजे; वन स्टॉप सेंटर में इंतजार करती रहीं कबली देवी
केरल से धनबाद तक का सफर पूरा, अब परिवार के फैसले पर टिकी 65 वर्षीय कबली देवी की नई जिंदगी

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
धनबाद: दो दशक पहले लापता हुईं पूर्वी टुंडी की 65 वर्षीय कबली देवी आखिरकार अपने गृह जिला धनबाद लौट आई हैं। केरल से सुरक्षित वापसी के बाद उन्हें उम्मीद थी कि परिवार उन्हें गले लगाएगा, लेकिन फिलहाल उनकी यह उम्मीद अधूरी ही है। कबली देवी अभी वन स्टॉप सेंटर में रह रही हैं और अपने परिजनों के फैसले का इंतजार कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले कबली देवी अचानक लापता हो गई थीं। लंबे समय तक तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था। हाल ही में वह केरल के कोझिकोड स्थित एक सरकारी आश्रय गृह में मिलीं। इसके बाद केरल पुलिस और धनबाद जिला समाज कल्याण विभाग के समन्वित प्रयास से उन्हें वापस धनबाद लाया गया।

वन स्टॉप सेंटर में कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि उनकी बेटी उनसे मिलने आएगी। इसी उम्मीद में कबली देवी पूरे दिन अपनों की राह देखती रहीं, लेकिन शाम तक न बेटी पहुंची और न ही परिवार का कोई अन्य सदस्य। वह बार-बार कर्मचारियों से यही पूछती रहीं कि क्या घर से कोई मिलने आया है। जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कबली देवी के पति से संपर्क किया गया है। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कही है। जब तक अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक कबली देवी वन स्टॉप सेंटर में ही रहेंगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि परिवार उन्हें अपने साथ रखने से इनकार करता है, तो सरकार की ओर से उनके रहने और देखभाल की समुचित व्यवस्था की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें वृद्धाश्रम या सरकारी आश्रय गृह में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनके जीवनयापन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।




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