Chhattisgarh News सीसीआई की भूमि पर बेखौफ मुरुम खनन का खेल जारी, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़
अकलतरा. अकलतरा से लगे ग्राम तरौद में सीसीआई (सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) की भूमि पर कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध मुरुम उत्खनन और परिवहन का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में सीसीआई प्रबंधन ने 8 जून को जिला कलेक्टर, एसडीएम, जिला खनिज अधिकारी, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी अकलतरा को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन शिकायत के लगभग तीन सप्ताह बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली और खनिज विभाग की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीसीआई प्रबंधन द्वारा भेजे गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-49 के पूर्व स्थित सीसीआई
की खदान भूमि से रात के समय जेसीबी एवं एक्सकेवेटर मशीनों से बड़े पैमाने पर मुरुम की खुदाई की जा रही है। इसके बाद हाईवा और ट्रकों के माध्यम से मुरुम को विभिन्न निर्माण स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है। आवेदन में यह भी बताया गया कि यह पूरा कार्य बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है। इधर ग्राम तरौद के सरपंच ने भी पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत की भूमि और सीसीआई की जमीन से लगातार अवैध रूप से मुरुम निकालकर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित एक निजी कॉलोनी में डाली गई है। सरपंच का दावा है कि उसी अवैध मुरुम से पूरी कॉलोनी का भराव और विकास कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए तो निर्माण स्थल पर उपयोग की गई मुरुम के स्रोत का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
खनिज निरीक्षक की कार्रवाई पर भी सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत पहले भी खनिज विभाग को की गई थी। शिकायत मिलने के बाद खनिज निरीक्षक आरएल राजपूत मौके पर पहुंचे भी थे। ग्रामीणों के अनुसार निरीक्षण के दौरान मुरुम परिवहन में लगे वाहन भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उनके विरुद्ध कोई जब्ती या वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी बिना कार्रवाई किए वापस लौट गए। इसके बाद से लगातार अवैध उत्खनन का सिलसिला जारी है। भारतमाला परियोजना तक पहुंच रही मुरुम ! स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध रूप से निकाली जा रही मुरुम केवल निजी कॉलोनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिलासपुर के दर्रीघाट क्षेत्र में निर्माणाधीन भारतमाला परियोजना सहित अन्य निर्माण कार्यों में भी खपाई जा रही है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह शासन की खनिज संपदा को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने का मामला माना जाएगा।
सरकार सख्त, लेकिन स्थानीय प्रशासन मौन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और खनिज माफियाओं पर शिकंजा कसने की बात कर रहे हैं। राज्यभर में अवैध उत्खनन रोकने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन अकलतरा क्षेत्र में शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार इतने लंबे समय से निर्बाध रूप से चल रहा है। मामले की शिकायत जिले के कलेक्टर, खनिज अधिकारी को 8 जून को लिखित रूप से की गई थी परंतु आज तक कोई कार्यवाही नहीं गई है और अवैध मुरुम उत्खनन जारी है। उमाशंकर कुमार, प्रभारी, सीसीआई प्रबंधन मामले की शिकायत की गई थी। कई बार बताए गए स्थान पर गाड़ियों को पकड़ने के लिए टीम गई हुई थी पर उस दिन मौके पर कोई उत्खनन नहीं हो रहा था। अविनाश चौहान, तहसीलदार अकलतरा को लेकर बार-बार शिकायत की जा रही है। अभी सुशासन तिहार में भी शिकायत की थी पर प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही से प्रतिदिन हजारों टन मुरुम बेचा जा है, अधिकारी मौन है।




Subscribe to my channel