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Chhattisgarh News मस्तूरी के चार पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप !

                                                 ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

कानून का डर दिखा कर कालेज छात्र से एक लाख की वसूली ? मस्तूरी के चार पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप ! युवक ने बिलासपुर SSP से लगाई न्याय की गुहार ,आनलाइन लेनदेन के सबूत सौपे सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग ..! डेस्क खबर बिलासपुर.. जिले के मस्तूरी में पुलिस महकमे पर एक ऐसा आरोप लगा है जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कालेज छात्र ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से कर न्याय की गुहार लगाई है,कालेज छात्र ने आनलाइन लेनदेन के साक्ष्य सौंपते हुए थाना में लगे सीसीटीवी की जांच की भी मांग की है। समीर बंजारे का आरोप है कि आरक्षक नवीन बागड़े, दिनेश निराला, अरविंद कुंजूर और अविनाश कश्यप लगातार उस पर दबाव बनाते रहे और परिवार वालों को फोन कर पैसे की व्यवस्था करने को कहा। शिकायत में दावा किया गया है कि उसके पिता से कुल एक लाख रुपये लिए गए, जिसमें 84 हजार रुपये नकद और 16 हजार रुपये ऑनलाइन दिए जाने का उल्लेख है।

शिकायत पत्र में कहा कहा गया है कि उसे बीच रास्ते से उठाकर थाने ले जाया गया, फर्जी शराब तस्करी केस में फंसाने की धमकी दी गई और फिर एक लाख रुपये की वसूली की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि पैसे लेने के बाद भी उसके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया। मस्तूरी थाना क्षेत्र के रहने वाले कालेज छात्र समीर बंजारे ने एसएसपी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 15 जून को वह टिकारी स्कूल के पास बैठा था। तभी कुछ पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उसे जबरन अपने साथ थाने ले गए। शिकायत के मुताबिक थाने में उसे डराया गया कि अगर पैसे नहीं दिए तो 100 बोतल महुआ शराब की तस्करी के मामले में जेल भेज दिया जाएगा। युवक का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके परिवार को फोन कर तत्काल रकम की व्यवस्था करने को कहा। डर के माहौल में परिवार ने जैसे-तैसे एक लाख रुपये की व्यवस्था की। शिकायत में दावा किया गया है कि 84 हजार रुपये नकद और 16 हजार रुपये ऑनलाइन देने के बाद उसे छोड़ा गया। इतना ही नहीं, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।

लेकिन अगले दिन जब युवक ने ऑनलाइन पोर्टल देखा तो उसके होश उड़ गए। वहां उसके खिलाफ शराब सेवन का मामला दर्ज दिखा। अब युवक का सवाल है कि जब पैसे लेकर छोड़ दिया गया था तो फिर केस क्यों दर्ज किया गया? और अगर केस सही था तो फिर पैसों का लेन-देन किस बात का हुआ? यह सिर्फ एक शिकायत नहीं है… यह उन सवालों की फाइल है जो सीधे वर्दी की साख से जुड़े हैं। क्या थाने में कानून का राज था या फिर सौदेबाजी का खेल? क्या एक युवक को डराकर पैसे वसूले गए? या फिर आरोपों के पीछे कोई और कहानी है? इन सवालों का जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन शिकायत ने पुलिस विभाग में हलचल जरूर मचा दी है। फिलहाल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने एडिशनल एसपी ग्रामीण को जांच के निर्देश जारी कर दिए है फिलहाल थाना में लगे सीसीटीवी जांच में ही पूरा सच निकल कर बाहर आ पाएगा ।

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