Jharkhand News कतरासगढ़ रेलवे मैदान पर अतिक्रमण का खतरा, मिट्टी भराई से सिमट रहा खेल का मैदान
स्टेशन सौंदर्यीकरण का मलबा बना मैदान के अस्तित्व पर संकट, खेल प्रेमियों ने की हस्तक्षेप की मांग

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखण्ड
कतरास शहर का एकमात्र प्रमुख खेल मैदान कतरासगढ़ रेलवे मैदान इन दिनों अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान निकाले जा रहे मिट्टी एवं मलबे को मैदान के किनारे-किनारे डंप किए जाने से मैदान लगातार संकुचित होता जा रहा है, जिससे स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार कतरासगढ़ स्टेशन में चल रहे सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य से निकले मलबे को निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय ठेकेदार द्वारा रेलवे मैदान के किनारे डाल दिया जा रहा है। इससे मैदान का आकार धीरे-धीरे छोटा होता जा रहा है और खिलाड़ियों को खेलकूद के लिए उपलब्ध जगह कम होती जा रही है। कतरासगढ़ रेलवे मैदान क्षेत्र का एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल माना जाता है। यहां प्रतिदिन सुबह-शाम बच्चे विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक और व्यायाम के लिए पहुंचते हैं। यही मैदान कभी जिले की प्रसिद्ध दुर्गा पूजा का केंद्र रहा है, जहां विशाल मेला और झूले लगते हैं तथा लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

दुर्गोत्सव के दौरान परंपरा के तहत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें धनबाद मंडल के डीआरएम सहित पूरा रेल महकमा शामिल होता है। ऐसे में मैदान के लगातार सिमटने से लोगों को आशंका है कि भविष्य में इस ऐतिहासिक स्थल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों ने धनबाद रेल मंडल के डीआरएम तथा रेल मंत्रालय से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्टेशन सौंदर्यीकरण कार्य आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर शहर के एकमात्र बड़े खेल मैदान को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। लोगों ने मैदान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए वहां मलबा डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।



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