जैव उर्वरकों के प्रयोग से बढ़ेगी पैदावार, भूमि स्वास्थ्य होगा बेहतर
जैव उर्वरकों के प्रयोग से बढ़ेगी पैदावार, भूमि स्वास्थ्य होगा बेहतर
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गोंडा,मुजेहना/ 9 जून कृषि विभाग द्वारा संचालित विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत मंगलवार को पंचायत भवन ग्राम सोहनी, विकासखंड मुजेहना में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को जैव उर्वरकों, हरी खाद एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान अरुण कुमार शुक्ला (पूरेसबसुख) ने किसानों से जैव उर्वरकों के अधिकाधिक प्रयोग का आह्वान करते हुए कहा कि इनके उपयोग से फसलों की पैदावार बढ़ती है तथा भूमि की उर्वरा शक्ति और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने किसानों को धान की सीधी बुवाई, धान नर्सरी प्रबंधन, हरी खाद की खेती, ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई, फसल अवशेष प्रबंधन तथा मोटे अनाजों की खेती संबंधी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ढैंचा की बुवाई के लगभग डेढ़ माह बाद उसकी पलटाई करने से खेत में पर्याप्त मात्रा में कार्बनिक पदार्थ मिलता है, जिससे भूमि की गुणवत्ता में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर हो रही है, इसलिए हरी खाद का प्रयोग समय की आवश्यकता है।
एडीओ एजी रामप्रकाश ने राजकीय कृषि बीज भंडार पर अनुदानित कृषि निवेशों की उपलब्धता की जानकारी दी। साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में विस्तार से बताया।
बीटीएम क्रांतिवीर सिंह ने कृषि यंत्रीकरण योजना एवं कुसुम योजना की जानकारी दी, जबकि एटीएम विभोर मणि त्रिपाठी ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी में पंचायत सचिव राकेश तिवारी, पंचायत सहायक रुचि शुक्ला, एटीएम श्याम धर द्विवेदी सहित प्रगतिशील किसान विष्णेश मिश्रा, शेषराम सोनकर, विजय तिवारी, हनुमान दत्त शुक्ल समेत बड़ी संख्या में कृषकों ने भाग लेकर खेती की नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
फोटो कैप्शन: ग्राम सोहनी में आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों को जैव उर्वरकों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देते कृषि विàशेषज्ञ।




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