Madhya Pradesh News किरायेदारों, घरेलू नौकरों एवं बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन अनिवार्य
जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 163 के तहत जारी किया आदेश

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
मकान मालिक, होटल-लॉज संचालक, ठेकेदार एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों को देनी होगी जानकारी आदेश के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
छतरपुर जिले में कानून व्यवस्था, जनसुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जैसवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत आदेश जारी किया है। यह आदेश जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। पुलिस अधीक्षक छतरपुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया था कि जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बाहरी लोग नौकरी, व्यवसाय तथा घरेलू नौकर के रूप में निवास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त अनेक व्यक्ति होटल, लॉज, धर्मशाला, किराए के मकानों तथा अन्य स्थानों पर ठहरते हैं। कानून व्यवस्था, सुरक्षा एवं विवेचना के दौरान पुलिस को ऐसे व्यक्तियों की जानकारी की आवश्यकता पड़ती है। समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं होने से अपराधों की रोकथाम एवं जांच कार्य प्रभावित होने की संभावना बनी रहती है। इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री जैसवाल ने आदेश जारी कर जिले के सभी मकान मालिकों, होटल, लॉज एवं धर्मशालाओं के संचालकों, भवन निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों, विभिन्न कंपनियों तथा निजी सुरक्षा एजेंसियों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अपने यहां निवास करने वाले अथवा कार्यरत व्यक्तियों की संपूर्ण जानकारी संबंधित थाना या चौकी प्रभारी को उपलब्ध कराएं।

आदेश के अनुसार मकान मालिकों को अपने किरायेदारों की जानकारी तथा होटल, लॉज एवं धर्मशालाओं के संचालकों को अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों का विवरण दर्ज कराना होगा। इसी प्रकार भवन निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों, कंपनियों एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों को अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों एवं श्रमिकों की जानकारी संबंधित थाना अथवा चौकी में देना अनिवार्य होगा। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिले में पूर्व से ही किरायेदारों एवं घरेलू नौकरों सहित संबंधित व्यक्तियों की जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस के सिटीजन पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सत्यापन कराने की व्यवस्था लागू है। इसके बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया है। आदेश के तहत संबंधित व्यक्तियों का चरित्र सत्यापन एवं पहचान संबंधी जानकारी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगी। इसका उद्देश्य जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना, अपराधों की रोकथाम करना तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




Subscribe to my channel