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धान की सीधी बुवाई अपनाएं किसान, कम खर्च में मिलेगा अधिक लाभ : डॉ. रामलखन सिंह

धान की सीधी बुवाई अपनाएं किसान, कम खर्च में मिलेगा अधिक लाभ : डॉ. रामलखन सिंह

 

 गोंडा,तरबगंज/ 7 जून। भारत सरकार के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा संचालित विकसित कृषि संकल्प अभियान के प्रथम दिन ग्राम काशीपुर, विकासखंड तरबगंज में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं धान उत्पादन की उन्नत विधियों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश सिंह ने किसानों से हरी खाद की खेती अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. रामलखन सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर ने धान की पौधशाला प्रबंधन, धान की सीधी बुवाई, हरी खाद की खेती तथा फसल अवशेष प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की सीधी बुवाई के लिए प्रति एकड़ लगभग 12 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। यह बुवाई जीरो टिल सीड कम फर्टीड्रिल अथवा मल्टी क्रॉप सीटर मशीन से की जा सकती है। इस तकनीक को अपनाने से पौध तैयार करने और रोपाई में होने वाले खर्च की बचत होती है, जिससे किसानों की लागत कम होती है।

धनंजय कुमार, एडीओ एजी ने किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडार पर अनुदानित दरों पर उपलब्ध कृषि निवेशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को uagriculture.com पोर्टल पर पंजीकरण कराना आवश्यक है।

इस अवसर पर दीपक सिंह (बीटीएम) ने कृषि यंत्रीकरण योजना, मदन यादव (बीटीएम) ने धान बीज शोधन एवं उपचार तथा श्री चंद (एटीएम) ने मोटे अनाजों की खेती के संबंध में जानकारी प्रदान की।

कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान गोकरन सिंह, भीटी, ओम प्रकाश सिंह, अमरपाल सिंह, भगेलू प्रसाद मौर्य सहित बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और खेती की नवीन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। किसानों ने विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान भी प्राप्त किया।

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