Chhattisgarh News पार्षद आशा साहू ने खोला मोर्चा: कुचेना बाईपास रोड को बचाने 30 गांवों के साथ ‘चक्का जाम’ की चेतावनी
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा की सक्रिय पार्षद श्रीमती आशा साहू ने क्षेत्र के ग्रामीणों के अधिकारों के लिए SECL कुसमुंडा परियोजना के मुख्य

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़
महाप्रबंधक को एक बेहद कड़ा और चेतावनी भरा पत्र लिखा है। पार्षद आशा साहू ने साफ शब्दों में मांग की है कि आदर्श नगर कुसमुंडा के इस महत्वपूर्ण कुचेना बाईपास रोड पर भारी कोयला गाड़ियों का अवैध परिचालन तुरंत बंद किया जाए, अन्यथा वे ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र ‘चक्का जाम’ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी।

पार्षद आशा साहू द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दे:
कुचेना बाईपास रोड ही एकमात्र सहारा: आशा साहू ने पत्र में अवगत कराया कि शांति नगर, आदर्श नगर, चुनचुनी, गेवरा बस्ती सहित 30 गांवों के लोगों के लिए कोरबा मुख्य शहर जाने के लिए यह कुचेना बाईपास मार्ग ही एकमात्र रास्ता है, क्योंकि रेलवे फाटक अक्सर बंद रहने से मुख्य सड़क हमेशा ब्लॉक रहती है। नियमों के उल्लंघन पर आपत्ति: पार्षद आशा साहू का सीधा आरोप है कि SECL प्रबंधन द्वारा निजी कंपनियों के भारी-भरकम हाइवा और टेलर गाड़ियों को इस बाईपास सड़क पर चलाने की अनुमति देना नियमों के विरुद्ध है, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। जर्जर पुल और अंधे मोड़ का मुद्दा: आशा साहू ने ध्यान आकर्षित किया कि रेलवे ओवरब्रिज के नीचे लक्ष्मण नाला पर बना पुल टूटने की कगार पर है और इस बाईपास मार्ग के अंधे मोड़ के कारण पहले ही कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सड़क किनारे बसे लोगों का उत्पीड़न: पार्षद आशा साहू ने SECL के कुछ अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे इस बाईपास सड़क के किनारे रहने वाले गरीब लोगों से बिना किसी मुआवजे (छतिपूर्ति राशि) के जबरन उनके मकान खाली करवा रहे हैं। आशा साहू का अंतिम अल्टीमेटम: ”पार्षद आशा साहू और क्षेत्र के ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कुचेना बाईपास रोड को आम लोगों से छीनने और इस पर भारी गाड़ियां चलाने का प्रयास बंद नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर चक्का जाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी SECL कुसमुंडा प्रबंधन की होगी।”

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