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Madhya Pradesh News दिनारा में लम्पी वायरस का कहर: तीन गौवंशों की मौत, चार की हालत गंभीर

ब्यूरो चीफ नीरज वर्मा शिवपुरी मध्य प्रदेश

लावारिस गायों की दुर्दशा पर फूटा गौ सेवकों का दर्द, प्रशासन से की सख्त कार्रवाई की मांग

शिवपुरी जिले के दिनारा क्षेत्र में गौवंशों पर लम्पी वायरस का संकट लगातार गहराता जा रहा है। दिनारा के समीप स्थित शिवमुद्रा कॉलोनी में बीते दिनों संक्रमण की चपेट में आने से तीन गायों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गौवंश गंभीर हालत में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण ने पशुपालकों, गौ सेवकों और पशु चिकित्सा विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

गौ सेवक कल्लू महाराज ने क्षेत्र की भयावह स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि बड़ी संख्या में लावारिस गायें सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में भटकने को मजबूर हैं। भोजन और स्वच्छ पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ये बेजुबान पशु कूड़ा-कचरा, पॉलिथीन और अन्य जहरीली वस्तुएं खाने को विवश हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों से निकलने वाला बायोमेडिकल कचरा खुले में फेंका जा रहा है, जिसे खाने से गोवंश गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उनका कहना है कि यह लापरवाही पशुओं की जान पर भारी पड़ रही है।
पॉलिथीन और केमिकल बने “धीमा जहर”

गौ सेवकों के अनुसार, होटलों, ठेलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों से बचा हुआ भोजन पॉलिथीन सहित खुले में फेंक दिया जाता है। भूखी गायें भोजन के लालच में पूरी पॉलिथीन निगल जाती हैं, जिससे उनके पेट में गंभीर संक्रमण और पाचन संबंधी बीमारियां पैदा हो रही हैं।
इसके अलावा बाजार में फलों और सब्जियों को चमकदार और ताजा रखने के लिए उपयोग किए जा रहे रासायनिक पदार्थ भी गोवंशों के लिए घातक साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे यह समस्या विकराल रूप लेती जा रही है।
“संक्रमण तेजी से फैल रहा, नियंत्रण चुनौतीपूर्ण”

डॉ. अरविंद जाटव, पशु चिकित्सा अधिकारी
क्षेत्र में लम्पी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमित पशुओं में तेज बुखार, शरीर पर गांठें और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। विभाग की टीम दिन-रात निगरानी और उपचार कार्य में जुटी हुई है। गंभीर मामलों में पशुओं की मौत भी हो रही है। संक्रमण का दायरा बढ़ने से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।

डॉ. जाटव ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं और संक्रमित पशुओं का लगातार उपचार किया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
गौ सेवकों की मांग: प्रशासन उठाए सख्त कदम

गौ सेवक कल्लू महाराज ने प्रशासन, नगर परिषद और आम नागरिकों से अपील की है कि गौवंशों के लिए चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। साथ ही मेडिकल कचरा और पॉलिथीन खुले में फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

प्रमुख मांगें:

– लावारिस गौवंशों के लिए स्थायी गौशाला की व्यवस्था
– बाजार और अस्पतालों के कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था
– पॉलिथीन मुक्त अभियान को सख्ती से लागू करना
– संक्रमित पशुओं के लिए विशेष चिकित्सा शिविर लगाना
समाज की भी जिम्मेदारी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बेजुबान पशुओं की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो लम्पी वायरस और कुपोषण के कारण बड़ी संख्या में गौवंशों की जान खतरे में पड़ सकती है।

स्वच्छ वातावरण, उचित खानपान और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर ही इस गंभीर संकट से निपटा जा सकता है।

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