Madhya Pradesh News जैन समाज में आक्रोश आर्यिका संघ दुर्घटना मामले की उच्चस्तरीय जांच और संत सुरक्षा कानून की उठी मांग।
निहत्थे संतों की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी ज्ञापन सौंपकर जैन समाज ने मांगी राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति।

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
बड़ा मलहरा//विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर सोमवार को बड़ा मलहरा में जैन समाज का आक्रोश खुलकर सामने आया।श्री दिगंबर जैन पंचायत मंदिर,राष्ट्रीय जिनशासन एकता संघ एवं मुनि सेवा समिति की अगुवाई में ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति श्री 1008 दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र द्रोणगिरि जी सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। ज्ञापनों में हाल ही में आर्यिका माताजी संघ के साथ हुई दुखद दुर्घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने,दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा देशभर में विहाररत संतों की सुरक्षा हेतु विशेष नीति लागू करने की मांग की गई।
जैन समाज ने ज्ञापन में कहा कि आर्यिका संघ के साथ हुई घटना केवल सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं प्रतीत होती बल्कि उपलब्ध तथ्यों,वीडियो फुटेज और परिस्थितियों ने समाज में गहरी चिंता एवं आक्रोश पैदा किया है।समाज ने इस पूरे प्रकरण की एसआईटी अथवा न्यायिक जांच कराने,सीसीटीवी फुटेज एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा यदि किसी प्रकार की साजिश या लापरवाही सामने आए तो कठोर धाराओं में कार्रवाई करने की मांग रखी।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जैन साधु-संत पूर्णतः अहिंसक,निहत्थे और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं जो किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते।ऐसे में लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले समाज के लिए अत्यंत चिंताजनक विषय बनते जा रहे हैं।इसी कारण जैन समाज ने “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” लागू करने की भी मांग उठाई।
समाज ने प्रशासन से मांग की कि विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय,संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था,ट्रैफिक नियंत्रण,चेतावनी संकेतक एवं हाईवे क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू किए जाएं।साथ ही संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने और प्रशासन व समाज के बीच “संत सिक्योरिटी कोऑर्डिनेशन सेल” गठित करने का सुझाव भी दिया गया।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे समाजजनों ने कहा कि जैन समाज हमेशा शांति,अहिंसा और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है लेकिन संतों की सुरक्षा को लेकर शासन और प्रशासन को अब ठोस एवं संवेदनशील कदम उठाने होंगे।समाज ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।


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