Madhya Pradesh News भीषण गर्मी में शाम तक बैठी रहीं महिलाएं जिम्मेदार नहीं ले सके फैसला
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति का मामला।

ब्यूरो चीफ कमला कान्त जोशी अमानगंज पन्ना
मध्य प्रदेश पन्ना जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का मामला एक बार फिर विवादों और चर्चाओं में आ गया है। विभाग द्वारा समस्त विकास खण्डों से ऑनलाइन आवेदन मांगने और जांच के बाद जारी की गई अंतिम सूची पर आपत्तियां मांगी गई थी इन आपत्तियों के निराकरण के लिए कलेक्टर पन्ना द्वारा एक उच्च स्तरीय जिला समिति का गठन किया गया था लेकिन समिति की पहली ही बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त होने से आवेदिकाओं में भारी आक्रोश है।
विगत 24 अप्रैल को जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी द्वारा इन आपत्तियों को निराकरण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था बैठक में शामिल होने के लिए जिला महिला बाल विकास अधिकारी द्वारा सभी आपत्तिकर्ताओं को सूचना पत्र जारी किए गए थे सूचना मिलते ही जिले के दूर दराज इलाकों एवं ग्रामीण क्षेत्रों/ विकास खण्डों से पीड़ित महिलाएं पन्ना मुख्यालय पहुंची थी प्रदेश में पढ़ रही भीषण और झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद महिलाएं सुबह से ही कतारो में बैठीं रही लेकिन प्रशासन के ढुलमुल रवैया के कारण शाम 6:00 बजे तक बैठक चलने के बाद भी जिला पंचायत के सी ई ओ और समिति द्वारा शिकायती आवेदनों की जांच पूरी होने के बावजूद कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका । आवेदनों की जांच की जिम्मेदारी उच्चस्तरीय समिति पर थी, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए और धांधली की शिकायतों को दूर करने के लिए कलेक्टर ने जो समिति बनाई थी उसमें जिले की जिम्मेदार अधिकारियों को शामिल किया गया था जिनमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, एवं जिला पंचायत के मनोनीत सदस्य है जब आपत्तियां और शिकायती आवेदनों की जांच पहले ही पूरी हो चुकी थी तो समिति के सामने केवल निर्णय लेने का काम शेष था। ऐसे में सुबह से शाम तक महिलाओं को बैठा कर रखने के बाद भी कोई फैसला ना लिया जाना जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। जिला प्रशासन से उम्मीद है की बस्तु स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा ।




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