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Chhattisgarh News अवैध शिकार के लिए बारूद विस्फोट की आशंका

अहिरन नदी में विस्फोट से सैकड़ों मछलियों की मौत, पीने के पानी की सप्लाई रुकने की आशंका से कॉलोनीवासियों में हड़कंप

रिपोर्टर मनोज मानिकपुरी कोरबा छत्तीसगढ़

कोरबा (छत्तीसगढ़)। कोरबा जिले के कुसमुंडा क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां विकास नगर आईबीपी प्लांट के नीचे बहने वाली अहिरन नदी में बीते बुधवार की सुबह सैकड़ों की तादाद में मछलियां मृत अवस्था में पानी पर तैरती पाई गईं। इस घटना के बाद से स्थानीय कॉलोनी के निवासियों में भारी डर और आक्रोश का माहौल है।

ख्य बिंदु (Key Highlights):
​स्थान: कुसमुंडा क्षेत्र, विकास नगर आईबीपी प्लांट के पास, अहिरन नदी (कोरबा)।
​घटना: बारूद विस्फोट/ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल से सैकड़ों मछलियों की मौत।
​बड़ी चिंता: इसी स्थान से स्थानीय कॉलोनी में पीने के पानी की सप्लाई की जाती है।
​आशंका: पानी के जहरीले होने का खतरा, स्वास्थ्य को लेकर ग्रामीण और कॉलोनीवासी चिंतित

स्थानीय सूत्रों और प्राथमिक जानकारी के अनुसार, देर रात कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा नदी में मछलियों के अवैध शिकार के लिए विस्फोटक या अत्यधिक ज्वलनशील रासायनिक पदार्थों (बारूद) का इस्तेमाल किया गया है। इस धमाके और उससे निकले हानिकारक केमिकल्स के प्रभाव के कारण नदी की सैकड़ों छोटी-बड़ी मछलियों की मौके पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह जब लोग नदी किनारे पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए।
​पीने के पानी पर मंडराया संकट
​इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। दरअसल, अहिरन नदी के इसी प्रभावित हिस्से से पूरी कॉलोनी में पीने और दैनिक उपयोग के पानी की सप्लाई की जाती है। नदी में भारी मात्रा में केमिकल मिलने की वजह से पानी के जहरीला होने की पूरी आशंका है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि जब तक पानी की सही ढंग से जांच नहीं हो जाती, तब तक इसका उपयोग करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
​स्थानीय निवासियों की मांग और चेतावनी
“प्रशासन से हमारी मांग है कि इन मृत मछलियों को नदी से तुरंत हटाया जाए। यदि कोई अज्ञानता वश इन केमिकल युक्त मछलियों को खाने के लिए ले जाता है, तो किसी बड़ी अनहोनी या फूड पॉइजनिंग का खतरा हो सकता है। साथ ही, पानी की शुद्धता की तत्काल जांच की जानी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
​जांच का विषय
​यह पूरी घटना स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) और जनस्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है। पानी में केमिकल की मात्रा कितनी है और क्या यह पानी अब पीने योग्य बचा है या नहीं, यह पूरी तरह से जांच का विषय है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की है।

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