गोण्डा /कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर ने किसानों को दिया संतुलित उर्वरक प्रयोग का प्रशिक्षण
गोण्डा /कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर ने किसानों को दिया संतुलित उर्वरक प्रयोग का प्रशिक्षण
मृदा स्वास्थ्य बचाने एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने पर दिया गया जोर


गोण्डा।मनकापुर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर, गोण्डा द्वारा विकासखंड वजीरगंज के ग्राम रायपुर में “संतुलित उर्वरकों के प्रयोग एवं मृदा स्वास्थ्य” विषय पर एक दिवसीय ऑफ कैम्पस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रामलखन सिंह, वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक ने किसानों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग एवं भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसान भाई-बहन मृदा परीक्षण की संस्तुति के आधार पर ही खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग करें। रबी फसलों की कटाई के बाद खाली खेतों से मिट्टी का नमूना लेकर परीक्षण प्रयोगशाला में जमा करना लाभकारी होता है।
उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, इसलिए मृदा स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना आवश्यक है। डॉ. सिंह ने किसानों को सनई एवं ढैंचा जैसी हरी खाद वाली फसलों के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि इनकी बुवाई के लगभग डेढ़ माह बाद खेत में पलटाई करने से यह प्राकृतिक खाद में परिवर्तित हो जाती हैं, जिससे प्रति हेक्टेयर 84 से 120 किलोग्राम नत्रजन प्राप्त होता है।
प्रशिक्षण में जल विलेय उर्वरकों एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग और उनके लाभों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर वीआर समग्र जलवायु फल एवं औषधि शोध संस्थान रायपुर के शिवकुमार मौर्य, सम्राट महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम मौर्य सहित प्रगतिशील किसान भवानी फेर, आशाराम, अशोक कुमार, भगवती प्रसाद एवं श्रीमती अनीता सहित कई किसानों ने प्रतिभाग कर आधुनिक खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त की!



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