उत्तरप्रदेश

भक्ति का स्वर: भागवत कथा में ध्रुव, प्रह्लाद और भरत चरित्र ने किया भाव-विभोर

भरथना में गूंजा भक्ति का स्वर: भागवत कथा में ध्रुव, प्रह्लाद और भरत चरित्र ने किया भाव-विभोर

श्रीमद् भागवत कथा का आनंद लेते हुए श्रद्धालु ओम कृष्णा गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद चरित्र एवं भरत चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

कथा वाचक आचार्य सरल जी महाराज ने ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प और सच्ची भक्ति से बालक ध्रुव ने भगवान को प्राप्त कर अटल स्थान हासिल किया। उन्होंने बताया कि भक्ति में उम्र नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का महत्व होता है।प्रह्लाद चरित्र के प्रसंग में आचार्य ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति अटूट आस्था रखने वाले भक्त प्रह्लाद की रक्षा स्वयं भगवान ने की। उन्होंने संदेश दिया कि सच्चे भक्त की हर परिस्थिति में ईश्वर रक्षा करते हैं।भरत चरित्र के माध्यम से आचार्य ने राजा भरत के जीवन का उल्लेख करते हुए वैराग्य, मोह त्याग और आत्मचिंतन का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर भक्ति में लीन रहना चाहिए।

कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कथा का श्रवण करते रहे।

इस आयोजन में परीक्षित के रूप में जागेश्वर दयाल पोरवाल एवं धर्मपत्नी आशा पोरवाल, यज्ञपती गौरव पोरवाल एवं धर्मपत्नी अनामिका पोरवाल सहित कई श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में रामसेवक गुप्ता, सुशील कुमार पोरवाल, मुरारी लाल पोरवाल, हरिओम पोरवाल, अजय पोरवाल, विजय पोरवाल, प्रेमचंद, बिपिन चंद्र पोरवाल, अमित कौशल, सचिन कौशल, श्यामजी पोरवाल, पम्मी यादव सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button