टंडाबारी में भू-धंसान के बाद पुनर्वास तेज, 273 घर सर्वे के दायरे में

👉भू-धंसान के बाद प्रशासन एक्शन में, 100 मीटर दायरे के घरों का सर्वे
👉गैस रिसाव से बढ़ी चिंता, प्रभावित परिवारों का डाटा संग्रह जारी
👉JRDA की टीम ने किया निरीक्षण, पुनर्वास रिपोर्ट जल्द सौंपने की तैयारी
👉टंडाबारी हादसे के बाद राहत कार्य तेज, 55 परिवारों ने जमा किए कागजात
कतरास: बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया-3 अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी में हुए भू-धंसान के बाद अब पुनर्वास प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। घटना के सातवें दिन सोमवार को गोविंदपुर एरिया के अधिकारियों की टीम ने प्रभावित इलाके में व्यापक सर्वे अभियान चलाया।
सर्वे के दौरान भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे में आने वाले कुल 273 घरों की पहचान कर नंबरिंग की गई और सूची तैयार की गई। इस सूची के आधार पर प्रभावित परिवारों से आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत परिवार के सदस्यों की जानकारी ली जा रही है। अब तक 55 परिवारों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपने आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। प्रशासन जल्द से जल्द पुनर्वास प्रक्रिया पूरी करने के प्रयास में जुटा है।
इधर, क्षेत्र में गैस रिसाव का खतरा भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। बीसीसीएल के सेफ्टी अधिकारियों द्वारा रोजाना गैस स्तर की जांच की जा रही है। कई स्थानों पर गैस का स्तर 200 पीपीएम तक दर्ज किया गया है, जबकि अन्य जगहों पर यह 100 पीपीएम पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। ऐसे में स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
वहीं, उपायुक्त के निर्देश पर झरिया पुनर्वास एवं विकास प्राधिकरण (JRDA) की टीम ने भी टंडाबारी पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सर्वे कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए प्रभावित घरों का निरीक्षण किया। JRDA की टीम ने बताया कि निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को सौंपी जाएगी, जिससे पुनर्वास कार्य में और तेजी लाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान JRDA के कई अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति का गंभीरता से आकलन किया गया।
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