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थाना राखी में दर्ज प्रतिरूपण कर ठगी एवं ब्लैकमेलिंग के प्रकरण में आरोपी धर्मेन्द्र चौहान गिरफ्तार

थाना राखी में दर्ज प्रकरण की जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि प्रार्थी देवलाल सिंह टेकाम, जो लोक निर्माण विभाग में अधीक्षण अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, को दिनांक 28.01.2026 को मोबाइल नंबर 9795675336 एवं 8527958502 से कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने स्वयं को सतर्कता विभाग/ACB/EOW से संबंधित बताते हुए प्रार्थी को यह कहा कि उसके विरुद्ध शिकायत हुई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त दोनों कॉल साइबर ठगी करने के उद्देश्य से किये गये थे। प्रार्थी द्वारा यह बात अपने पुराने परिचित धर्मेन्द्र चौहान को बताई गई कि उसके पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आ रहे हैं तथा उसे सतर्कता विभाग/ACB/EOW में शिकायत होने की बात बताकर डराया जा रहा है। जांच में पाया गया कि प्रार्थी से उक्त जानकारी प्राप्त होने के बाद आरोपी धर्मेन्द्र चौहान ने इसका फायदा उठाने की योजना बनाई। उसने प्रार्थी से कहा कि वह चिंता न करे, वह पता करता है कि मामला क्या है, तथा प्रार्थी को दोनों नंबर ब्लॉक करने के लिए कहा। इसके बाद आरोपी ने अपनी महिला मित्र के नाम से लिये गये मोबाइल नंबर 7648072849 से प्रार्थी को व्हाट्सएप मैसेज भेजा। इसी नंबर से उसने प्रार्थी को उसके नाम से शिकायत की एक प्रति भेजी तथा बाद में स्वयं को EOW का अधिकारी बताकर कॉल किया। आरोपी ने प्रार्थी को डराया-धमकाया। जब प्रार्थी ने पूछा कि यह मामला कैसे खत्म हो सकता है, तब आरोपी ने उसे झांसा दिया कि उसका धर्मेन्द्र चौहान से परिचय है और वह धर्मेन्द्र के माध्यम से मामला खत्म करा देगा। इसके बाद प्रार्थी ने यह बात धर्मेन्द्र चौहान को बताई। तब धर्मेन्द्र चौहान ने प्रार्थी से कहा कि मामला खत्म कराने के लिए 10 लाख रुपये मांगे गये हैं। उसने प्रार्थी से कहा कि रकम उसके पास छोड़ दी जाए, वह आगे पहुंचाकर प्रकरण खत्म करा देगा। बाद में प्रार्थी द्वारा आरोपी धर्मेन्द्र चौहान को ₹9,50,000/- दे दिये गये।

जांच में यह भी पाया गया कि धर्मेन्द्र चौहान का जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय है। वह पूर्व में प्रार्थी के साथ भी काम कर चुका था, इसलिए प्रार्थी द्वारा किन-किन जिलों में क्या-क्या कार्य किया गया है, इसकी उसे अच्छी जानकारी थी। साथ ही वह प्रार्थी की कमजोरियों से भी भली-भांति परिचित था। इसके अतिरिक्त वह प्रार्थी के खेत की देखरेख तथा वहां खेती करवाने का काम भी करता था। इसी पुराने परिचय, निकटता, जानकारी तथा पहचान के कारण प्रार्थी को उसकी बात पर विश्वास हो गया। अतः आरोपी धर्मेन्द्र चौहान द्वारा प्रार्थी को भयभीत कर, स्वयं को EOW अधिकारी बताकर, शिकायत की प्रति भेजकर तथा अपने पुराने परिचय का दुरुपयोग कर ठगी किये जाने के तथ्य पाये जाने पर थाना राखी में धारा 319, 204, 308(2), 351(2) भा.न्या.सं. एवं 66-D आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में आरोपी धर्मेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस मोबाइल फोन से आरोपी द्वारा कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज किये जा रहे थे, उसे भी जप्त कर लिया गया है। प्रकरण में आरोपी से पूछताछ, मोबाइल फोन की जांच, उपयोग किये गये सिम, व्हाट्सएप संदेश, शिकायत की प्रति तथा धनराशि के लेन-देन के संबंध में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

अपील :

1. सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने नाम से सिम कार्ड खरीदकर उपयोग हेतु न दें, क्योंकि उसके दुरुपयोग होने पर आप स्वयं भी परेशानी में पड़ सकते हैं।

2. यदि किसी व्यक्ति को ACB/EOW में शिकायत होने के नाम पर कोई कॉल कर डराया या धमकाया जाता है, तो इसकी जानकारी निम्न माध्यमों से ACB/EOW को दी जा सकती है—

हेल्पलाइन नंबर : 1064
शिकायत वेबसाइट : www.acbeow.cg.gov.in
ईमेल : eow.cg@gov.in
ईमेल : acb.cg@gov.in

प्राप्त सूचना पर उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Bastar Chhattisgarh News @ Reporter Sumit Bajpai

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