JPSC-2 घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई: ECIR दर्ज, 60 अधिकारी जांच के घेरे में, ADM से IPS तक नाम शामिल

👉JPSC-2 नियुक्ति घोटाला: 12 साल बाद ईडी की एंट्री, प्रमोशन पा चुके अफसरों पर शिकंजा
👉ADM और IPS स्तर के अधिकारी बने आरोपी, JPSC-2 मामले में ईडी ने दर्ज की ECIR
👉CBI के आरोप पत्र के बाद ईडी सक्रिय, JPSC-2 घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू
👉झारखंड प्रशासन में हलचल: JPSC-2 घोटाले में 60 पर ईडी की नजर
रांची।
झारखंड के बहुचर्चित JPSC-2 नियुक्ति घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री से जांच ने नया मोड़ ले लिया है। ईडी ने इस मामले में ECIR दर्ज करते हुए करीब 60 लोगों को अभियुक्त बनाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जो चयन के बाद अब राज्य प्रशासनिक सेवा में ADM रैंक तक पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ DSP से प्रमोट होकर IPS बन चुके हैं।
ईडी द्वारा दर्ज ECIR के तहत अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच की जाएगी। एजेंसी इन आरोपित अधिकारियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल करेगी।
👉CBI जांच से जुड़ा है मामला
JPSC-2 नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। जांच में देरी और प्रगति से असंतुष्ट होकर झारखंड हाईकोर्ट ने मामला ACB से लेकर CBI को सौंप दिया था। इसके बाद वर्ष 2012 में CBI ने एफआईआर दर्ज की थी।
कानूनी पेचीदगियों के कारण जांच वर्षों तक लंबित रही और आखिरकार करीब 12 साल बाद, वर्ष 2024 में CBI ने आरोप पत्र दाखिल किया। फिलहाल CBI के सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं।
👉ईडी की कार्रवाई से बढ़ी प्रशासनिक बेचैनी
अब ईडी की सक्रियता के बाद यह माना जा रहा है कि घोटाले से जुड़े पैसों की परतें खुलेंगी और कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। प्रमोशन पा चुके वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आने से राज्य की प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है।

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