
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
संत हिरदाराम नगर . संत नगर रेलवे माल गोदाम के पास चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के छठवे दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य श्री वत्स महाराज ने बताया कि ष्प्रेम वह है जो ह्रदय को छू ले और आत्मा को जोड़ दे। राधा.कृष्ण का प्यार सिर्फ एक कहानी नहीं यह शाश्वत प्रेम का प्रतीक है। जब भी प्रेम की बात होती है, भगवान श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले आता है। श्रीकृष्ण को प्रेम और स्नेह का प्रतीक माना जाता है। पुराणों के अनुसार, श्रीकृष्ण की 16 हजार 108 रानियां थीं। श्रीकृष्ण की मुख्य रानियों में रुक्मणि सत्यभामा का नाम शामिल है। इसके अलावा बाल्यावस्था में श्रीकृष्ण के गोकुल में गोपियों संग रासलीला की कहानियां आज भी मशहूर हैं। हालांकि सभी को प्रेम और स्नेह का पाठ पढ़ाने वाले श्रीकृष्ण का नाम सिर्फ राधा के साथ ही लिया जाता है। हर कोई प्रभु कृष्ण के नाम का जाप करते समय राधे श्याम का उच्चारण करता है। भले ही उनकी 160108 रानियां थीं लेकिन जब प्रेम की मिसाल दी जाती है तो श्रीकृष्ण और राधा का प्रेम सबसे ऊपर होता है। व्यासपीठ की पूजन बजरंग सेना समिति के अध्यक्ष कमलेश देवानी, राज बिजोरिया राजकुमार धानुक, बीण्केण् सेन, रामजी ठाकुर आदि कई उपस्थित थे। पंडित रवि पटेरिया ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से प्रभु इच्छा तक चल रही है।




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