अंबे माइनिंग हादसे में 6 मजदूरों की मौत: जीएम और साइड इंचार्ज की लापरवाही पर उठे सवाल

👉अंबे माइनिंग हादसे के दोषियों पर कार्रवाई की मांग, पीएम को सौंपा पत्र
“👉सिर्फ मुआवज़ा नहीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो” – अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ की मांग
धनबाद (कतरास)। बीसीसीएल कतरास क्षेत्र अंतर्गत अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग में शुक्रवार को हुए लैंडस्लाइड हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। इस घटना में सर्विस वैन मलबे में दब गई और मौके पर ही 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद प्रबंधन ने मुआवज़े का पैकेज घोषित कर दिया, लेकिन मजदूरों की जान लेने वाली लापरवाही पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा कि अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग के जीएम और साइड इंचार्ज की लापरवाही और मनमानी के कारण यह बड़ा हादसा हुआ। कंपनी में मजदूरों की सुरक्षा को पूरी तरह नज़रअंदाज किया जाता है और नियम-विरुद्ध काम करवाया जाता है।
रत्नेश कुमार ने मांग की है कि अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने मृतक परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवज़ा, अतिरिक्त राशि, बीमा भुगतान और मासिक वेतन देने की घोषणा की है। लेकिन मजदूर संगठनों का कहना है कि यह घोषणा केवल जिम्मेदारी से बचने का तरीका है। वास्तविकता यह है कि संभावित खतरे के बावजूद उत्पादन जारी रखा गया और सुरक्षा उपायों को लागू नहीं किया गया।
यह हादसा केवल एक दुखद दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम है। जब तक दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही नहीं होती, मजदूरों की सुरक्षा अधर में ही रहेगी और न्याय अधूरा रह जाएगा।



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