
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा दिखाए गए संदिग्ध ईपिक कार्ड का मामला गंभीर होता जा रहा है। दीघा के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने शुक्रवार शाम तक आरएबी-2916120 नंबर वाले ईपिक कार्ड का विवरण और मूल प्रति नहीं मिलने पर उन्हें दूसरा स्मारपत्र भेजा है। इसमें 16 अगस्त की शाम 5 बजे तक कार्ड की मूल प्रति जमा कराने का निर्देश दिया गया है।
निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने तीसरे पत्र में स्पष्ट किया कि गत कई वर्षों की मतदाता सूची के डेटा बेस मिलान में यह नंबर निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में नहीं पाया गया। प्रतीत होता है कि यह ईपिक कार्ड फर्जी है। साथ ही चेतावनी दी गई कि फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना कानूनी अपराध है।
मामला तब सामने आया था, जब तेजस्वी यादव ने 1 अगस्त को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची से नाम विलोपित किए जाने का आरोप लगाते हुए आरएबी-2916120 नंबर का कार्ड मीडिया के सामने दिखाया था। जांच में पता चला कि उनका नाम सूची में मौजूद है और उनका वैध ईपिक नंबर आरएबी-0456228 है, जिसका उपयोग उन्होंने 2015 और 2020 के राघोपुर विधानसभा चुनाव में नामांकन के समय भी किया था। विशेष पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ को भी यही नंबर दिया गया था।



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