
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी थम नहीं रही है। मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग की समीक्षा में खुलासा हुआ है कि नेपाल और झारखंड से सबसे ज्यादा देसी शराब, जबकि पंजाब और उत्तर प्रदेश से विदेशी शराब की सबसे बड़ी खेप भेजी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल सीमा से सटे चेकपोस्ट पर 48% देसी शराब पकड़ी गई, जबकि यूपी और झारखंड सीमाओं से 25-25% देसी शराब बरामद हुई। विदेशी शराब के मामले में यूपी सीमा से 50% और झारखंड सीमा से 36% खेप जब्त की गई। इनमें 32% पंजाब निर्मित, 20% यूपी निर्मित और 11% हरियाणा निर्मित शराब शामिल है।
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शराबबंदी कानून को और सख्ती से लागू करने के लिए शुक्रवार को सचिव अजय यादव की अध्यक्षता में विभागीय सभाकक्ष में उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह, रेल डीआईजी राजीव मिश्रा, एसएसबी कमांडेंट कुमार राजीव समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सीमावर्ती चेकपोस्ट पर निगरानी बढ़ाने, रेल मार्ग से तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, रेलवे के टीटीई, वीआईपी कोच और पेंट्री कार में शराब आपूर्ति की शिकायतों पर संयुक्त छापेमारी करने का निर्णय लिया गया। साथ ही, इंटीग्रेटेड जांच चौकियों का गठन, रेलवे स्टेशनों पर जांच तेज करने और बड़े मामलों की बेहतर जांच के लिए पुलिस को केस ट्रांसफर करने के साथ मद्यनिषेध इकाई से तकनीकी सहयोग लेने पर भी सहमति बनी।



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