
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कृषि विभाग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक दो वर्षों के लिए ड्रैगन फ्रूट विकास योजना के अंतर्गत 1.26 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना राज्य के 23 जिलों में लागू की जाएगी।
चयन की प्रक्रिया ऑनलाइन लॉटरी से
उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने बताया कि योजना के तहत किसानों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि अधिक से अधिक लघु एवं सीमांत किसान इस योजना से लाभान्वित हों।
2025-26 में 76.14 लाख रुपये जारी
योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 76.14 लाख रुपये की राशि निर्गत की जा चुकी है। इसका उद्देश्य राज्य में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करना और किसानों की आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करना है।
0.1 से 2.0 हेक्टेयर तक मिलेगा अनुदान
ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए प्रति कृषक न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से अधिकतम 2.0 हेक्टेयर तक की सीमा तय की गई है। एकीकृत बागवानी विकास मिशन की गाइडलाइन के अनुसार, प्रति हेक्टेयर 5000 पौधे रोपने की इकाई लागत 6.75 लाख रुपये है। इसमें 40% अनुदान, यानी 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा।
अनुदान दो किस्तों में मिलेगा – 60:40 अनुपात में
इस अनुदान की प्रथम किस्त 1.62 लाख रुपये और द्वितीय किस्त 1.08 लाख रुपये होगी, जो 60:40 अनुपात में दी जाएगी।
कृषि नवाचार की दिशा में बड़ा कदम
डिप्टी सीएम ने कहा कि यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि राज्य की कृषि विविधता को भी मजबूती देगी। बागवानी क्षेत्र में यह एक नवाचारात्मक पहल है, जिससे कृषकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और नई फसलों के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।



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