
पटना, 5 अगस्त — पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित “जल-जीवन-हरियाली दिवस” पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा संचालित “जल-जीवन-हरियाली अभियान” राज्य में जल संरक्षण, हरियाली विस्तार और कृषि सुधार की दिशा में एक मजबूत पहल साबित हो रही है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2 अक्टूबर 2019 को प्रारंभ किए गए इस अभियान के तहत 2019-20 से 2024-25 तक अब तक 20.20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। आगामी 5 करोड़ पौधारोपण के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों को शामिल किया गया है।
मंत्री ने कहा कि:
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2.96 करोड़ पौधे पर्यावरण विभाग,
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1.93 करोड़ पौधे मनरेगा के माध्यम से,
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13 लाख पौधे कृषि विभाग,
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37.16 लाख पौधे सरकारी स्कूल-कॉलेजों के माध्यम से तथा
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10 लाख पौधे बागवानी विभाग द्वारा लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कोई भी किसान या नागरिक 10 रुपये प्रति पौधा देकर इसे खरीद सकता है, और यदि तीन वर्षों तक उसकी देखभाल करता है तो प्रति पौधा 60 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसके अलावा “मिशन मेरी लाइफ” के तहत पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
5 पौधे निःशुल्क, हर स्कूल छात्र को 2 पौधे, और सरकारी शिक्षण संस्थानों को भी मुफ्त पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विभाग की पौधशालाओं में कई किस्मों के पौधे उपलब्ध हैं, जिनकी जानकारी कॉल सेंटर (0612-2226911) से प्राप्त की जा सकती है।
मंत्री ने जानकारी दी कि जुलाई से अब तक 1 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और अगले दो महीनों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान जारी रहेगा। उन्होंने हर रविवार “एक पौधा” लगाने का संकल्प लेकर “हरित बिहार” के निर्माण की अपील की।
कार्यक्रम में जल संसाधन, भवन निर्माण, कृषि और ऊर्जा विभागों के प्रतिनिधियों ने भी “जल–जीवन–हरियाली दिवस” की महत्ता पर विचार साझा किए।
इस अवसर पर प्रमुख अधिकारियों में अभिलाषा कुमारी शर्मा (निदेशक, हरियाली मिशन), प्रभात कुमार गुप्ता (प्रधान मुख्य वन संरक्षक), अरविंदर सिंह, और अभय कुमार द्विवेदी (अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक) सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रद्युम्न गौरव और राजीव कुमार ने विभागीय प्रयासों की प्रस्तुति दी।



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