राजस्व महाअभियान 2024: भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए राज्यभर में प्रशिक्षण और निगरानी शुरू
राजस्व महाअभियान 2024: भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए राज्यभर में व्यापक तैयारी, 16 अगस्त से शुरू होगा अभियान

पटना – बिहार सरकार ने भूमि से संबंधित मामलों में पारदर्शिता, तीव्रता और सटीकता लाने के उद्देश्य से एक विशेष राजस्व महा अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह अभियान 16 अगस्त से 20 सितंबर 2024 तक राज्यभर में चलाया जाएगा। इसके तहत ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार, उत्तराधिकार नामांतरण, बंटवारा नामांतरण और छूटी हुई जमाबंदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का कार्य किया जाएगा।
इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य से लेकर अंचल स्तर तक बहुस्तरीय प्रशिक्षण और निगरानी प्रणाली बनाई गई है। सभी जिलों में तैयारी जोरों पर है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा
राजस्व महाअभियान के तहत प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित जिलाधिकारी को सौंपी गई है। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल अधिकारी, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और राजस्व अधिकारी भाग लेंगे।
5 से 9 अगस्त तक अंचल स्तर पर राजस्व कर्मचारी और विशेष सर्वेक्षण अमीनों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद 10 से 12 अगस्त के बीच प्रत्येक अंचल को मॉडल माइक्रो प्लान तैयार कर उसे बिहार भूमि पोर्टल के राजस्व महाअभियान सेक्शन में अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। इसके लिए अंचल अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
चार स्तरीय पर्यवेक्षण दल का गठन
राजस्व महाअभियान की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चार स्तरीय पर्यवेक्षण दलों का गठन किया गया है।
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राज्य स्तर पर सचिव, निदेशक और मुख्यालय के अन्य अधिकारी अलग-अलग प्रमंडलों और जिलों में जाकर अभियान का निरीक्षण करेंगे।
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जिला स्तर पर अपर समाहर्ता और बंदोबस्त पदाधिकारी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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अन्य दो स्तरों पर प्रमंडल एवं अंचल स्तरीय अधिकारियों को सक्रिय भूमिका में रखा गया है।
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विभागीय पदाधिकारियों के बीच जिलों का आवंटन कर अनुश्रवण कोषांग भी गठित किया गया है।
डिजिटल परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम
यह अभियान न केवल भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि इससे आम जनता को भी अपने संपत्ति संबंधित मामलों में पारदर्शिता और समयबद्ध निपटान का लाभ मिलेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की यह पहल “डिजिटल बिहार” की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।



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