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रैबीज टीके के लिए आठ घंटे की दौड़: बाढ़ से पटना तक भटकी महिला, गार्डिनर अस्पताल में मिला टीका

पटना।
राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई जब बाढ़ की एक महिला को अपने बेटे को रैबीज का टीका दिलाने के लिए आठ घंटे तक बाढ़ से पटना तक भटकना पड़ा। नौ वर्षीय बच्चे को बाढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एक आवारा कुत्ते ने पैर में चार जगह काट लिया। तत्काल उपचार के लिए मां सुरुचि कुमारी उसे अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचीं, लेकिन वहां वैक्सीन नहीं थी।

डॉक्टर की सलाह पर जब वह नर्सिंग कर्मी के पास पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) खत्म हो चुकी है। उन्हें एम्स जाने की सलाह दी गई।

सुरुचि किसी तरह चार बजे तक एम्स पहुंचीं लेकिन वहां भी शुक्रवार को वैक्सीन नहीं दी जा रही थी। उन्हें शनिवार को आने के लिए कहा गया। महिला अपने बेटे के साथ रात सात बजे तक वहां भटकती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।

हताशा में उन्होंने दैनिक जागरण से संपर्क किया। तब उन्हें बताया गया कि इनकम टैक्स चौराहा स्थित न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में 24 घंटे रैबीज का टीका दिया जाता है। वहां दौड़ते-भागते रात करीब नौ बजे वे पहुंचे, तब जाकर बच्चे को एआरवी वैक्सीन मिल पाई।

इस मामले में जब दैनिक जागरण ने सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह से बात की, तो उन्होंने कहा कि पीएचसी में वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। आखिर बच्चे को क्यों नहीं वैक्सीन दी गई, इसकी जांच की जाएगी।

विश्लेषण:

इस एक मामले से साफ है कि सरकारी अस्पतालों में न तो जरूरी दवाएं समय पर उपलब्ध हो पा रही हैं और न ही मरीजों को सही जानकारी दी जा रही है। यदि गार्डिनर रोड अस्पताल जैसी व्यवस्था अन्य प्रमुख संस्थानों में भी होती, तो महिला और बच्चे को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

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