
सीमांचल में घुसपैठिए वोटरों पर घमासान, अंतिम मतदाता सूची से कट सकते हैं हजारों नाम
पटना। ![]()
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) राजनीतिक तूफान का कारण बन गया है। इस बार का चुनाव कई मायनों में नई इबारत लिखने जा रहा है। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस पुनरीक्षण अभियान में हजारों नेपाली, बांग्लादेशी और रोहिंग्या मूल के कथित घुसपैठिए मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं। इससे सीमांचल में सियासी तापमान चढ़ गया है।
सीमांचल की अहमियत और विपक्ष की बेचैनी
पिछले चुनाव में सीमांचल क्षेत्र में राजद-कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने अच्छी पकड़ बनाई थी। राजद-कांग्रेस को जहाँ सात सीटों पर जीत मिली थी, वहीं ओवैसी की पार्टी ने पाँच सीटें जीतकर चौंकाया था। इस बार पुनरीक्षण प्रक्रिया में उन मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई जा रही है जो सीमावर्ती इलाकों में रहते हैं और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ हो सकते हैं।
दस्तावेजों का दांव और आयोग की सतर्कता
मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में बाहरी नागरिक इन दस्तावेजों को जुटाने में सफल हो चुके हैं। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया है कि 25 जून से 25 जुलाई तक भरे गए फॉर्म की 1 अगस्त से 30 अगस्त तक समुचित जांच की जाएगी। बीएलओ और जांच अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर यदि घुसपैठ के प्रमाण मिलते हैं, तो ऐसे नामों को 30 सितंबर 2025 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
राजनीतिक मोर्चाबंदी और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों की नींद उड़ चुकी है। महागठबंधन ने बिहार बंद का आयोजन किया है और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में यह मुद्दा अब दिल्ली तक पहुंच चुका है। विपक्ष सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुका है। महागठबंधन का आरोप है कि यह कार्रवाई खास समुदाय के मतदाताओं को निशाना बनाने की साजिश है।
चुनाव आयोग का आश्वासन
चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अंतिम सूची में विदेशी मतदाताओं की पहचान और संख्या सार्वजनिक की जाएगी। आयोग का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी का नाम सूची से हटाया जाएगा।
थंबनेल के लिए सुझाव (यदि न्यूज कार्ड या सोशल मीडिया पोस्ट बनाना हो):
हेडलाइन:
“सीमांचल में विदेशी वोटर विवाद: हजारों नाम कटने की आशंका, सियासी पारा चढ़ा”
विजुअल एलिमेंट्स:
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बिहार का नक्शा, खासकर सीमांचल क्षेत्र हाइलाइट करें
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मतदाता पहचान पत्र के साथ विदेशी पासपोर्ट या नकली दस्तावेज
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तेजस्वी यादव और चुनाव आयोग के प्रतीकात्मक चित्र
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“2025 चुनाव” का बड़ा लोगो



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