
रिपोर्टर दीपक कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बिहार
हाल में तमिलांडू में हुए मजदूर के साथ मारपीट हत्या का झूठी खबर फैलाने का आरोप मनीष कश्यप पर लगा है। मनीष कश्यप पुलिस के निशाने पर था, और उसकी गतिविधि हिंसा फैलाने में पाए जा रहे थे। पत्रकारिता का गरिमा भूल कर वह लगातार अपना धंधा चमका रहा था। इसकी काफी मोटी रकम का भी बैंक खाता आर्थिक अपराध इकाई ने जप्त किय है। बहुत बड़ा गिरोह पकड़ा जाना तय है। पुलिस झूठा खबर फैलाने वाले तमाम खुद से पत्रकार साबित कर धंधा चमकाने वालो कि तलाश कर रही है। तमिलाडू पुलिस बिहार पहुंच गई है, करेगी करवाई।
मुज़फ़्फ़रपुर । बिहार के मजदूर की झूठा खबर फैलाने के आरोप मेे मनीष कश्यप को पुलिस की बढ़ी दबिश से आत्मसमर्पण करने पर आज विवश होना पड़ा। मनीष का घर पुलिस कुर्क कर रही है। उस पर कई अपराधिक मामले दर्ज है जिसमें उसका बचना मुश्किल हो गया है। तमिलनाडु में कामकाजी बिहार के निवासियों के लिए असत्य, भ्रामक एवं उन्माद फ़ैलाने वाले वीडियो को प्रसारित करने के प्रकरण में आर्थिक अपराध इकाई थाना में अंकित कांड संख्या 03/2023 तथा 04/2023 के अभियुक्त मनीष कश्यप ने बिहार पुलिस एवं आर्थिक अपराध इकाई के दबिश के कारण बेतिया के जगदीशपुर थाने में आत्मसमर्पण किया है। कोर्ट के आदेश के बाद कश्यप के घर की आज कुर्की हो रहा है । कई थानों की पुलिस मौजूद है। कश्यप की ज़मानत को कोर्ट ख़ारिज कर दिया था। कश्यप पर सिर्फ बेतिया में 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं, 5 केसों में वो चार्जशीटेड है। उसकी मुश्किल काफी बढ़ गया है। अक्सर ही हिंसा भरकाने वाले वीडियो और खबर से पुलिस परेशान थी वहीं काफी छती मजदूर को हाल में उसके झूठे खबर से उठाना परा है। बताए गय है कि वह पत्रकारिता का गरिमा भूल कर कमाने मेे लगा था और जैसा तैसा खबर जो झूठा होता था, चला कर पुलिस को नाको दम कर रखा था। पुलिस अब उन तमाम झूठा खबर चलाने वाले और हिंसा भड़काने वाले और पुलिस को गुमराह करने वाले को तलाश रही है जो पत्रकारिता के आर मेे सबको गुमराह कर अपना धंधा चमका रहे है। पुलिस की सब पर नजर है। तमिलाडू पुलिस बिहार पहुंच गई है, बड़ी करवाई की तैयार जारी है।



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