Uttar Pradesh News 91 विद्यालय 15 वर्ष में ही हो गए जर्जर

रिपोर्टर अजीत अग्निहोत्री हरदोई उत्तर प्रदेश
हरदोई जनपद हरदोई में जर्जर परिषदीय विद्यालयों को नीलाम कर उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है | विद्यालयों के निर्माण में घपले की बात सामने आई है | लोग अपने घर बनवाते हैं तो वह दसको तक चलते हैं लेकिन मजेदार बात यह है कि जनपद के 91 विद्यालय तो 15 साल के अंदर ही जर्जर हो गए | और उनकी नीलामी की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई, जब इसकी फाइल जिलाधिकारी तक पहुंची तो उन्होंने इस पर कड़ा रूप अपनाते हुए इन सभी 91 विद्यालयों की फिर से जांच करने की आदेश दिए, पर उस फाइल को ही दबा दिया गया | खंड शिक्षा अधिकारियों से जांच कराई गई तो 594 विद्यालयों की सूची दी गई, इसकी जब फिर से जांच हुई तो पता चला कि 10 विद्यालय तो ऐसे हैं जो कि मरम्मत योग्य हैं, उन्हें जर्जर की सूची से हटा दिया गया और बाकी की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो पता चला कि 91 विद्यालय तो मात्र 15 वर्ष में ही जर्जर हो गए, जो कि नियम के विपरीत है और उनका निर्माण करने वाले प्रभारी से लेकर बीईओ और इसे हरी झंडी देने वाले अवर अभियंता जिम्मेदार हैं | जब जांच हुई तो पता चला कि टोडरपुर के 14 विद्यालय, अहिरोरी और बावन में 7-7 विद्यालय, बेहन्दर में 6 विद्यालय, भरावन और भरखनी में 3-3 विद्यालय, बिलग्राम नगर क्षेत्र में 1, हरियावां में 5 विद्यालय,हरपालपुर में 3, कछौना में 1 विद्यालय, कोथावां में 3, माधवगंज में 1 और मल्लावां में 11 विद्यालयों के साथ-साथ पिहानी नगर क्षेत्र में 1, सांडी में 12 विद्यालय, संडीला में 7, सुरसा मे 1, विद्यालय और टडियावा ब्लाक में 14 इसे विद्यालय मिले हैं | जिलाधिकारी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए आपत्ति जताई है और समिति द्वारा फिर से जांच कराने का आदेश दिया है, जिसमें पूछा गया है कि विद्यालय जर्जर होने का कारण क्या है, निर्माण में मानकों की कमी कारण रही या फिर हमें कोई बात है | डीएम द्वारा दिए गए आदेश पर समिति को फिर से जांच के लिए कहा गया लेकिन महीनो बीत जाने के बाद भी अभी तक क्या जांच हुई अथवा नहीं हुई इसका कुछ पता नहीं है | इस विषय पर जानकार लोगों का कहना है कि जानबूझकर जांच को लटकाया जा रहा है | जिला समन्वयक निर्माण बृजभूषण मिश्रा ने बताया कि समिति को फिर से पत्र भेजा गया है और जल्द ही जांच रिपोर्ट मांगी गई है |
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