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Gujarat News गुजरात राज्य हज कमेटी के चेरमेन इकबाल सैयद ने ऐसी कैसी प्रस्तुति दी कि आज चारों तरफ उनकी तारीफ हो रही है,जानिए विस्तार से

हज कमेटी के माध्यम से इस बार 80% है यात्री हज के लिए जाएंगे और 20% प्राईवेट कंपनी के साथ जाएंगे।

रिपोर्टर अंसारी रफीक नूरी अहमदाबाद गुजरात

गुजरात हज कमेटी के चेरमेन इकबाल सैयद ने दिल्ली में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री से मुलाकात की और लाखों हज यात्रियों की समस्या को हल करने के लिए मौखिक और लिखित प्रस्तुत किया कि हज के लिए जाते समय लोगों को एक सूटकेस (बैग) लेना पड़ता है और वे सूटकेस के लिए एक व्यक्ति पांच हजार देने होते थे। इसलिए भारत सरकार और सेंट्रल हज कमेटी ने विचार कर इस फैसले को रद्द करने का प्रस्ताव दिया था।और अल्पसंख्यक मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इस फैसले को रद्द करने की तत्परता दिखाई और आज इस नीति को केंद्र सरकार ने रद्द कर दिया है. इसके साथ ही हज 2023 में केंद्र सरकार ने हज यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को देखते हुए कई नीतियों में बदलाव किया है. एक व्यक्ति के लिए हज फॉर्म भरने के लिए हज यात्रियों को 400 रुपये का भुगतान करना पड़ता था।सरकार ने इस नीति में बदलाव किया है,जिससे हज यात्री मुफ्त में फॉर्म भर सकते हैं।

 

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