Uttar Pradesh News सिंधी धर्मशाला काला महल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास पं गरिमा किशोरी जी ने कहा कि मनुष्यों का क्या कर्तव्य है

रिपोर्टर वसीउद्दीन आगरा उत्तर प्रदेश
इसका बोध भागवत सुनकर ही होता है। विडंबना ये है कि मृत्यु निश्चित होने के बाद भी हम उसे स्वीकार नहीं करते हैं। निस्काम भाव से प्रभु का स्मरण करने वाले लोग अपना जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं कथा व्यास ने कहा कि प्रभु जब अवतार लेते हैं तो माया के साथ आते हैं। साधारण मनुष्य माया को शाश्वत मान लेता है और अपने शरीर को प्रधान मान लेता है। जबकि शरीर नश्वर है। उन्होंने कहा कि भागवत बताती है कि कर्म ऐसा करो जो निस्काम हो वहीं सच्ची भक्ति है।
ब्रज के रसिक संगीतकार बलवीर सिंह बल्लो ने सुंदर सुंदर भजन सुनाकर सभी भक्तो को झूमने पर मजबूर कर दिया। भक्तो ने बड़े ही सुंदर ढंग से पंडाल को सजाया मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भक्त सिंधी धर्मशाला में नही बल्कि साक्षात वृन्दावन धाम बन गया। इस अवसर पर आचार्य सोहित कृष्ण शास्त्री ने विधिवत पूजन संम्पन कराया । कथा के तृतीय दिवस में चाँदनी भोजवानी, जया आयलानी,कृष्णा बघेल, शिवानी बघेल, निशा हरनानी, मुस्कान जेसवानी, दीप्ति ज्ञानचंदानी, पलक सचदेवा, रामचंद्र छाबड़िया,सूर्यप्रकाश, विनोद वनवारी,ईश्वर दासवानी, सुंदर चेतवानी, भावनदास, बाबूलाल,नंदू भाई, हेमा गांधी, रीना रामत्री, भजनलाल मखीजा,आंशिक, आशा मखीजा, नन्दराम हासवानी, ज्योति दासवानी, बाबू शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।



Subscribe to my channel